जिले में जहरीली शराब बेचकर मौत का तांडव मचाने वाले शराब तस्कर गैंग के सरगना एक लाख के इनामी ऋषि को पुलिस ने तीन दिन के रिमांड पर ले लिया है। अब तक की पूछताछ में उसने अपने धंधे में अल्कोहल व पैकिंग उत्पाद सप्लाई के कुछ नए ठिकाने बताए हैं। जिनके सत्यापन के लिए पुलिस टीमों को रवाना कर दिया गया है। ऋषि ने स्वीकारा है कि विजेंद्र कपूर के अलावा गैर जनपद के दो और ठिकाने हैं, जहां से उन्हें अल्कोहल मिलता था। इसके अलावा उसने कुछ अन्य नाम भी अब तक की पूछताछ में बताए हैं।
जिले में 28 मई से शुरू हुए जहरीली शराब से मौत के तांडव ने अब तक 109 लोगों की जान ले ली हैं। इस कांड में मुख्य आरोपियों में शामिल ऋषि शर्मा की पिछले सप्ताह गिरफ्तारी हुई। ऋषि पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जेल भेजने के बाद ही पुलिस ने ऋषि को रिमांड पर लेने की तैयारी कर ली थी और न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार सुबह दस बजे से उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। जवां थाने में उससे कई टीमें सिलसिलेवार सीबीआई की तर्ज पर पूछताछ में जुटी हैं। प्रयास किया जा रहा है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। ताकि इस सिंडिकेट को जड़ से मिटाया जा सके।
अब तक हुई पूछताछ में ऋषि ने स्वीकारा है कि वह पिछले डेढ़ दशक से इस कारोबार में है और करीब एक दशक से ग्रुप के अन्य लोगों के साथ मिलकर यह धंधा कर रहा है। विजेंद्र कपूर के अलावा गैर जनपद के दो और ठिकानों से उन्हें अल्कोहल मिला करता था। विपिन ही यह माल लाया करता था। उसने एक ठिकाने से पैकिंग उपकरण मिलने की जानकारी भी है। इस आधार पर पुलिस टीमें वहां सत्यापन के लिए रवाना कर दी गई हैं।
अवैध अल्कोहल फैक्टरी का सुराग मिला, पुलिस खोज में जुटी
ऋषि से पूछताछ में सबसे महत्वपूर्ण सुराग ये हाथ लगा है कि जहां से उन्हें अल्कोहल मिल रहा था। वह उसके निर्माण की इकाई है और वह इकाई भी अवैध रूप से संचालित हो रही है। उसे बनाने वाले का नाम व ठिकाना पुलिस को ऋषि ने बता दिया है। ऋषि की मानें तो अवैध रूप से शराब बनाकर बेचने वालों को अल्कोहल की सप्लाई देने वाला वह पश्चिमी यूपी का सबसे बड़ा सप्लायर है। संकेत हैं कि पुलिस उस ठिकाने तक जल्द पहुंचकर बड़ा खुलासा करेगी।
300 जहरीली शराब की पेटियां ठेकों पर खपाई गईं
ऋषि से पूछताछ में पता चला है कि विजेंद्र कपूर के यहां से लंबे समय से अल्कोहल मिल रहा था। आखिरी खेप के रूप में 6 ड्रम मिथाइल के मिले थे। एक ड्रम में वे 50 पेटी देसी शराब तैयार करते थे। इस तरह उन्होंने 300 पेटी मिथाइल से बनी हुई तैयार कीं और ठेकों पर उनकी सप्लाई भेज दी। उन्हें जब मौतों का सिलसिला शुरू किया। तब उन्हें इस गड़बड़ी की जानकारी हुई और वह खुद बचने के फेर में यहां से भाग गया।
मददगारों तक पहुंचने का भी प्रयास कर रही पुलिस
ऋषि से पूछताछ में पुलिस टीमें उसके धंधे के मददगारों तक पहुंचने का भी प्रयास कर रही हैं। पुलिस की पूछताछ का फोकस है कि आखिर उसे कौन लोग मदद करते थे। कौन सियासी लोग और सिस्टम से जुडे़ लोग उसके धंधे में शामिल थे।
63 जेल गए, 7 और पुलिस रडार पर
एसएसपी कलानिधि नैथानी बताते हैं कि ऋषि से पूछताछ चल रही है। इसके अलावा कुछ अन्य नाम भी सामने आए हैं। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में टीमें लगी हुई हैं। अब तक 63 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। वहीं 7 नाम और ऐसे हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
जहरीली शराब कांड में फरार दो आरोपी गिरफ्तार
पिसावा पुलिस ने शुक्रवार को जहरीली शराब कांड मामले में दो फरार आरोपियों को पकड़ा है। उनके पास से 51 पौवे अवैध शराब भी बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों ने अवैध शराब बनाकर बेचने का जुर्म स्वीकार किया है।
थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया के अनुसार मुखबिर की सूचना पर शादीपुर नहर से भूड़गढ़ी की ओर से करीब 200 मीटर दूरी पर झाड़ियों के पास आरोपी वीरपाल पुत्र लौहरे सिंह निवासी शादीपुर के मौजूद होने की सूचना मिली। इस पर पुलिस टीम ने मौके से आरोपी को पकड़ लिया। उसके पास से 25 पौवा शराब समेत पकड़ लिया। इसके साथ ही शादीपुर से गांव भदियार के कच्चे रास्ते पर करीब 200 मीटर दूर एक खेत की झाड़ियों से संदीप कुमार उर्फ अर्जुन पुत्र मुनेश कुमार निवासी शादीपुर को 26 पौवा अवैध शराब के साथ पुलिस ने पकड़ा। न्यायालय के आदेश पर दोनों को जेल भेज दिया गया है।