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बिना सवार के ही एक साल से दौड़ रहे राइडिंग क्लब के घोड़े

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एएमयू के हॉर्स राइडिंग क्लब में घोड़े के साथ कोच इमरान - फोटो : CITY OFFICE
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कोरोना महामारी की मार हॉर्स राइडिंग क्लब पर भी पड़ी है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) देश का इकलौता विश्वविद्यालय है, जहां पर हॉर्स राइडिंग क्लब है। यहां के क्लब के घोड़ों को पिछले एक वर्ष से बिना सवार के ही दौड़ाया जा रहा है, क्योंकि सभी प्रकार की खेल गतिविधियां बंद हैं। इसलिए घोड़ों को प्रतिदिन गोल घेरे में ही अभ्यास कराया जा रहा है।
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राइडिंग क्लब के कोच इमरान कहते हैं कि इस समय क्लब में 18 घोड़े हैं। सुबह और शाम इनको घास व चारा आदि दिया जाता है। अन्य स्पोर्ट्स और हॉर्स राइडिंग स्पोर्ट्स में एक फर्क यह है कि इसमें घोड़ों को नियमित अभ्यास देना जरूरी है। इसके लिए हम घोड़ों को गोल घेरे में नियमित व निर्धारित अभ्यास कराते हैं, जिससे उनका मूवमेंट बना रहे। घोड़ों के बेहतर से बेहतर रखरखाव के लिए उनके अस्तबल के प्रत्येक ब्लॉक में पंखे लगाए गए हैं, जिससे मक्खियों के कारण घोड़ों को समस्या न हो।
घोड़ों को नियमित वैक्सीन, बेहतर रखरखाव : अली
भमोला स्थित राइडिंग क्लब के आसपास निजी लोगों को घुड़सवारी की ट्रेनिंग देने के लिए घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। एएमयू के घोड़ों को नियमित अंतराल पर वैक्सीन लगाई जाती है, लेकिन निजी स्तर पर घुड़सवारी सिखाने वालों के साथ ऐसा नहीं है। हालांकि हॉर्स राइडिंग क्लब के अध्यक्ष डॉ. वासिफ मोहम्मद अली कहते हैं कि हमारे घोड़ों का नियमित वैक्सीनेशन और बेहतर रखरखाव होता है। जहां तक आसपास के कुछ निजी राइडिंग क्लब का सवाल है तो हम उन पर ध्यान नहीं देते हैं।
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हॉर्स राइडिंग क्लब में लगातार सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर और गेम्स कमेटी के सेक्रेटरी प्रोफेसर अमजद अली रिजवी के प्रयासों से राइडिंग क्लब की बाउंड्री वॉल से लेकर ग्रिल और अन्य प्रकार के निर्माण किए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से यहां पर उपाय किए गए हैं।
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- इमरान, कोच, हॉर्स राइडिंग क्लब, एएमयू
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