दिल्ली से लौटते ही ‘आग बुझाने’ में जुटे सांसद
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पूर्व विधायक मुनीश गौड़ हमला मामले में भाजपा नेता एवं रियल स्टेट कारोबारी राजेश भारद्वाज की गिरफ्तारी एवं राजेश भारद्वाज द्वारा राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह एवं उनके पुत्र एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया पर इस केस में फंसाने का आरोप लगाने के बाद भाजपा की अंदरूनी राजनीति गरमा गई है। दो दिन से चल रही राजनीतिक उठापटक के दौरान अलीगढ़ से बाहर रहे सांसद सतीश गौतम शहर में पहुंचते ही इस आग को बुझाने के प्रयास में जुट गए हैं।
अलीगढ़ में पहुंचते ही सांसद ने मुनीश गौड़ प्रकरण में बयान जारी कर कल्याण सिंह एवं राजू भैया को घसीटे जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह हम सभी के प्रेरणा स्त्रोत हैं। उन्होंने रामलला के लिए अपनी कुर्सी को ठोकर मार दी। ऐसे महापुरुष के खिलाफ बोलना एवं पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह राजू भैया जैसे उच्च स्तर के नेताओं के खिलाफ बयानबाजी घोर निंदनीय है।
उन्होंने सभी जातियों के नेताओं से अपील की कि वह इस मामले में अदालत का निर्णय आने तक प्रतीक्षा करें और किसी की छवि खराब करने में अपना योगदान प्रदान न करें। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में पूरा प्रकरण है। अधिक सक्रियता दिखाकर अपने समाज व पार्टी का नुकसान न होने दें।
सांसद सतीश गौतम ने कहा कि सबसे दुखद यह है कि अनर्गल बयानबाजी करने वाले लोग अपनी-अपनी जाति के संगठनों को भी इसमें संलिप्त कर रहे हैं, जबकि यह विषय पूर्ण रूप से विधायक पर हुए जानलेवा हमले से संबंधित लोगों को कानून द्वारा सजा दिलवाने मात्र का है। उल्लेखनीय है कि राजेश भारद्वाज द्वारा कल्याण सिंह एवं राजू भैया पर आरोप लगाए जाने के बाद मौजूदा समेत पांच पूर्व जिलाध्यक्ष पत्रकार वार्ता कर राजेश भारद्वाज को पार्टी से निकालने की मांग कर चुके हैं। कल्याण सिंह एवं राजू भैया के पक्ष में लोधी समाज के नेता तो राजेश भारद्वाज के समर्थन में विश्व ब्राह्मण संघ के नेता आमने-सामने आ गए हैं। राजेश भारद्वाज के समर्थक राजू भैया का पुतला भी फूंक चुके हैं।