अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) प्रशासन ने जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) की हड़ताल को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। इसके साथ ही रेजीडेंट चिकित्सकों को नोटिस देकर हड़ताल समाप्त करने को कहा गया है।
एएमयू छात्र संघ के कैबिनेट सदस्य द्वारा एक महिला रेजीडेंट डॉक्टर से बदसलूकी के बाद से जूनियर डॉक्टर 29 मार्च से हड़ताल पर हैं। कॉलेज के प्राचार्य एवं मेडिसन संकाय के डीन प्रो. एससी शर्मा ने नोटिस में कहा है कि हड़ताल के कारण रोगी प्रभावित हो रहे हैं। वे काम पर लौट आएं नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने डॉक्टरों को आश्वस्त किया है कि महिला रेजीडेंट को प्रताड़ित किए जाने के मामले में एएमयू प्रॉक्टर द्वारा कार्रवाई प्रारंभ की जा चुकी है। एक जूनियर रेजीडेंट एवं छात्र संघ के कैबिनेट सदस्य के बीच झगड़े की जांच के लिए कमेटी का पुनर्गठन किया गया है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रो. सीमा हकीम, नसीम अहमद खान एवं प्रो. नैयर आसिफ को जांच कमेटी में शामिल किया गया है। यह कमेटी अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करेगी।
डॉ. आशा व डॉ. इफ्तिखार पर एफआईआर दर्ज
एएमयू छात्र संघ के कैबिनेट सदस्य जैद शेरवानी और उनकी भाभी की तहरीरों पर जेएन मेडिकल कॉलेज की रेजीडेंट डॉ. आशा एवं डॉ. इफ्तिखार के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में एफआईआर दर्ज कर ली गई हैं। इसके भाभी की तहरीर पर लिखे गए मुकदमे में इन दोनों के अलावा डॉ. सिद्धांत को भी आरोपी बनाया गया है। जैद शेरवानी का कहना है कि 28 मार्च की रात्रि में उनकी बहन अपने बच्ची को दिखाने मेडिकल कॉलेज के वार्ड 16 में गई थीं। बच्ची की हालत ज्यादा खराब थी। बच्ची को नहीं देखने पर आशा नामक डॉक्टर से उनकी नोकझोंक हुई। डॉ. इफ्तिखार ने बहन के साथ बदसलूकी की। सूचना पर जब पहुंचा तो मेरे साथ भी दोनों ने बदसलूकी की और धक्का देकर बाहर निकाल दिया। कैबिनेट सदस्य बताए जाने पर औकात में रहने की बात कही। वहीं भाभी ने डॉ. आशा, डॉ. इफ्तिखार एवं डॉ. सिद्धांत पर बदसलूकी एवं अभद्र हरकत करने का आरोप लगाया है। जैद की भाभी का कहना है कि जब वह अपने देवर को बुलाई तो उनके साथ भी बदतमीजी की गई। सिविल लाइन इंस्पेक्टर ने बताया कि जैद शेरवानी एवं महिला की तहरीर पर डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। ब्यूरो
वीसी से बातचीत के बाद भी हड़ताल जारी
एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर सोमवार को कैंपस में पहुंच गए है। आते ही उन्होंने जेएन मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ ही रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया। देर शाम आरडीए पदाधिकारियों से बातचीत तो हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। कुलपति से बातचीत के बाद आरडीए की अर्जेंट जेनरल बॉडी मीटिंग रात 9 बजे बुलाई गई। इसमें डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। इससे पूर्व कुलपति एएमयू छात्र संघ के पदाधिकारियों से भी बातचीत की। आरडीए अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला आजमी ने बताया कि उनका कार्य बहिष्कार जारी है।
जैद के निलंबन के लिए डॉक्टरों का शांति मार्च
एएमयू छात्र संघ के कैबिनेट सदस्य जैद शेरवानी एवं जेएन मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा प्रभारी के निलंबन की मांग को लेकर जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने परिसर में शांति मार्च निकाला और जिला प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजा। आरडीए अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला आजमी, उपाध्यक्ष डॉ. दीपक अग्रवाल आदि ने कहा कि वे लोग हड़ताल पर नहीं हैं, बल्कि सिर्फ कार्य बहिष्कार किया है। मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ मौजूद है। वहीं महिला डॉक्टरों ने कहा कि जब तक वे लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी, काम पर नहीं जाएंगी।
सिर्फ एएमयू छात्रों व कर्मियों के लिए खुले हैं इमरजेंसी के दरवाजे
जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के दरवाजे सिर्फ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्याल (एएमयू) के छात्र या कर्मचारियों के लिए 24 घंटे खुले हुए हैं। गरीब मरीजों को गंभीर अवस्था में यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि इस समय रेजीडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर हैं। पिछले पांच दिन की हड़ताल की वजह से 11 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है।
29 मार्च से जारी हड़ताल सोमवार को भी था। सोमवार को चंद्र प्रकाश नामक मरीज की मौत हो गई। दुर्घटना में घायल चंद्र प्रकाश (40 वर्ष) को 6-7 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि जेएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक इसका कारण हड़ताल को नहीं मान रहे हैं। इस हड़ताल में इमरजेंसी की सेवाएं केवल एएमयू छात्रों एवं कर्मचारियों के लिए ही जारी है। गंभीर मरीजों को गेट के बाहर से ही हड़ताल की बात कहकर लौटा दिया जाता है। ऑपरेशन एवं अन्य दूसरे कार्य भी नहीं हो रहे है।