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रेजीडेंट डॉक्टरों को नोटिस से खलबली, दो और मरीज मरे

Sat, 05 Dec 2015 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
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जेएन मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल पांचवें दिन शाम को खत्म हो गई लेकिन दिनभर मरीज मारे-मारे फिरते रहे। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में भर्ती दो मरीजों की मृत्यु की सूचना है।
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 हड़ताल अवधि में 12 मरीजों से अधिक के मृत्यु हो चुकी है। जबकि दूर-दराज से उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीज एवं तीमारदार आंखों में आंसू लिए वापस लौटते रहे।

जेएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बिना नोटिस रेजीडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने को गंभीरता से लिया है। नोटिस देकर शाम छह बजे तक हड़ताल समाप्त करने की चेतावनी दी गई थी।
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शुक्रवार को मेडिकल के आईसीयू में भर्ती सिविल लाइन दोदपुर निवासी हजरा की मृत्यु हो गई। वह 24 नवंबर से अस्पताल में भर्ती थी। इसके साथ ही कासगंज के अकेला की मृत्यु भी होने की सूचना है।

30 नवंबर से भर्ती थे। इसके अतिरिक्त उपचार को पहुंचे कई गंभीर मरीजों को वापस लौटना पड़ा। इमरजेंसी में सन्नाटा पसरा रहा। सुबह ओपीडी में सीनियर चिकित्सकों ने जरूर मरीजों को देखा।

 हालांकि मेडिकल कॉलेज में किसी भी मरीज को न तो भर्ती किया गया और न ही ऑपरेशन आदि किए गए। इधर डीन प्रो. एस बानों, कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. एमएच बेग एवं अधीक्षक प्रो. हैरिस एम खान ने रेजीडेंट डॉक्टरों द्वारा बिना नोटिस दिए हड़ताल पर जाने को गंभीरता से लिया है ।

 अध्यक्ष समेत तमाम पदाधिकारियों एवं डॉक्टरों को नोटिस दिया है कि शुक्रवार शाम छह बजे तक हड़ताल समाप्त कर ज्वाइन कर लें अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि 29-30 नवंबर की रात में मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान भुजपुरा निवासी 30 वर्षीय युवक अब्दुल मजीद की मृत्यु हो गई थी।

 आरोप है कि लापरवाही का आरोप लगाकर तीमारदारों ने रेजीडेंट डॉक्टर फैसल रशीद के साथ मारपीट कर दी थी। उसके बाद से 30 नवंबर से मेडिकल के रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए है।

 वे लोग आरोपी तीमारदार को गिरफ्तार कर जेल भेजने, मेडिकल कॉलेज में सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात करने तथा इमरजेंसी सीएमओ की तरफ से थाने में एफआईआर आदि कराने की मांग कर रहे है।

गुरुवार की रात्रि में करीब तीन घंटे की जीबीएम के बाद हड़ताली डॉक्टरों ने हड़ताल के साथ धरना पर बैठने का निर्णय लिया। हालांकि शुक्रवार शाम तक डॉक्टर धरना पर नहीं बैठे थे।
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