जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर अघोषित हड़ताल पर अडिग हैं। दोपहर 12 बजे एवं देर रात्रि में आरडीए की जनरल बॉडी मीटिंग में डॉक्टरों ने साफ कर दिया कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तब तक कार्य से दूर रहेंगे।
आरडीए अध्यक्ष डॉ. एम अब्दुल्ला ने बताया कि कल शाम पांच बजे जांच रिपोर्ट आने वाली है। अगले जीबीएम तक डॉक्टर कार्यों से दूर रहेंगे।
इससे पूर्व दोपहर में भी आरडीए की जीबीएम लेक्चर थियेटर में आयोजित किया गया था, लेकिन डॉक्टर दोषी युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इस बीच सोमवार को मेडिकल कॉलेज में दो मरीजों की मृत्यु की चर्चा भी रही।
कैसे होगी चेहरों की पहचान
जेएन मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ मारपीट करने वाले तथा डॉ. साद के सिर पर बीपी की मशीन से हमला करने वाला युवक भले ही सीसीटीवी कैमरे में कैद है। लेकिन मारपीट करते नजर आ रहे युवक को डॉक्टर नहीं पहचानते। इधर, एएमयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने बताया कि वह सीएम से शिकायत करेंगे कि मेडिकल में मरीज की मौत होती है, तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। डॉक्टरों ने मरीज के साथ मारपीट के फुटेज गायब कर दिए है।
तीन सदस्यीय कमेटी गठित
इस मामले की जांच के लिए कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी को मंगलवार शाम पांच बजे तक रिपोर्ट सौंपनी है। कमेटी में विधि विभाग के प्रो. इकबाल अली खान, ब्वायज पालीटेक्निक के प्रिंसिपल प्रो. सैयद इकबाल अली एवं जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रो. तबस्सुम शहाब शामिल है। कुलपति के निर्देश के बाद कमेटी द्वारा जांच शुरू कर दी गई है।
इससे पहले कुलपति ने रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष डॉ. मो. अब्दुल्ला, सचिव डॉ. ए जावेद एवं डॉ. साद आदि के साथ करीब आधे घंटे तक बातचीत की। डॉ. साद ने अपने साथ घटी घटना के बारे में जानकारी दी। कुलपति ने आरडीए पदाधिकारियों से काम पर लौटने का आग्रह किया तथा आश्वस्त किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
डीएम, एसएसपी को भेजी फुटेज
जेएन मेडिकल कॉलेज में एएमयू छात्रों एवं डॉक्टरों के बीच इमरजेंसी में मारपीट का अधिकतर दृश्य सीसीटीवी फुटेज में है। रेजीडेंट डॉक्टरों ने सीसीटीवी फुटेज जिलाधिकारी एवं एसएसपी के पास भेज दिए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पुलिस अधिकारियों की इस बात से सहमत है कि डायरेक्ट कैंपस में आकर कार्रवाई करने से बात बिगड़ जाएगी और छात्र ही विरोध करने लगेंगे। इसलिए प्रॉक्टर आफिस की मध्यस्थता जरूरी है।
मरीज और तीमारदार परेशान
मेडिकल की ओपीडी में सोमवार को 1700 से अधिक पर्चे बने। लेकिन सलाह एवं दवा के अतिरिक्त अन्य सुविधाओं से मरीज वंचित रहे। नए मरीजों को भर्ती नहीं किया गया। एएमयू वीसी जमीरउद्दीन शाह स्वयं डीन प्रो. अमानुल्ला खान, प्रिंसिपल प्रो. तारिक मंसूर, अधीक्षक प्रो. हैरिस एम खान समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की और चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने को निर्देशित किया। लेकिन मरीजों एवं उनके तीमारदारों का हाल बुरा है। सबसे अधिक दिक्कत दूर से आए निर्धन मरीजों को हो रही है। डीन प्रो. अमानुल्ला खान ने बताया कि जल्द ही समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
टालना पड़ा ऑपरेशन
शुक्रवार को एएमयू कंप्यूटर साइंस विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रो. मो. उबैदुल्लाह बुखारी घर में फिसलकर गिर गए। उनके दाएं हाथ के कोहनी एवं सोल्डर के बीच की हड्डी टूट गई है। जेएन मेडिकल कॉलेज में सोमवार को ऑपरेशन कर प्लेट लगनी थी। लेकिन हड़ताल के कारण ऑपरेशन नहीं हो सका।
भर्ती करने से इंकार
सोमवार को मेडिकल की ओपीडी में डॉक्टरों ने तुर्कमान गेट की अनीसा बेगम को तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया। लेकिन हड़ताल का हवाला देकर भर्ती करने से इंकार कर दिया गया। अनीसा के पुत्र तंजीर अहमद ने बताया कि प्राइवेट डॉक्टर 14 हजार रुपये सिर्फ भर्ती करने और फीस के मांग रहे हैं।