जिला प्रशासन की ओर से प्रदेश के गृह विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षाबंधन के दिन (सोमवार) रेलवे रोड पर रंगदारी वसूलने के आरोपी दो सगे भाइयों वसीम और आशू की कई गोलियां मारकर हत्या कर दी गई।
हत्यारोपी सुरेश को दूसरे दिन मंगलवार को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया। इसके ठीक दो दिन बाद ऊपरकोट पर जुमे की नमाज के बाद जमकर पत्थरबाज और फायरिंग हुई। यहां नमाजियों के बीच में कुछ शरारती लोग बाहर से आए थे।
इन लोगों को कुछ सफेदपोशों का आश्रय और इशारा प्राप्त है। इस पत्थरबाजी में तीन पुलिस कर्मियों सहित लगभग आठ लोग घायल हो गए थे। इसमें 36 उपद्रवियों की तलाश जारी है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, लखनऊ समीक्षा बैठक में गए मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने आला अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
उन्होंने कहा है कि इसकी वजह से उन्होंने आईजी को अलीगढ़ में ठहरने को कहा था ताकि किसी भी हालात पर तुरंत काबू पाया जा सके।
जिलाधिकारी और एसएसपी ने बताया कि इस प्रकरण में उपद्रवियों को फोटो, नाम व पते के साथ चिन्हित किया गया है।
उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस लगी है। जरूरत पड़ने पर इनके फोटो मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक होंगे। चौराहे और पुलिस थानों पर फोटो व पोस्टर लगाए जाएंगे। डीएम ने कहा कि मारे गए वसीम व आशू के परिजनों को मुआवजे की मांग को भी सीएम के विवेकाधीन कोष के लिए प्रेषित कर दिया गया है।