गांव कदौली निवासी एक व्यक्ति के नाम से इसी गांव के व्यक्ति पर फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का आरोप लगाया है। करीब दो दशक पहले बनवाए इस लाइसेंस का रिन्यूवल भी करा लिया गया। पुलिस ने पीड़ित की सुनवाई नहीं की तो उसने न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश कोतवाली पुलिस को दिए हैं।
गांव कदौली निवासी बनवारी लाल पुत्र राम प्रसाद के अनुसार गांव के देवेश कुमार पुत्र चिरंजी लाल ने कूटरचित कागजों के आधार पर 6 अगस्त 2004 में ड्राइविंग लाइसेंस जारी कराया था। इसमें फोटो तो देवेश कुमार का चस्पा था, लेकिन नाम बनवारी लाल का था।
इसका नवीनीकरण भी वर्ष 2021 में कराया गया। बाइक का चालान होने के बाद यातायात पुलिस की ओर से नोटिस जारी किया गया। नोटिस में अपना नाम देखकर बनवारी लाल हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने कभी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनवाया। बाद में उन्हें पता चला कि उनके नाम से एक अन्य व्यक्ति ने डीएल बनवा रखा है। बनवारी लाल के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय सिविल जज कनिष्ठ प्रभाग न्यायिक मजिस्ट्रेट अतरौली ने कोतवाली पुलिस को आदेश दिया कि मामले में देवेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार विवेचना कर परिणाम से न्यायालय को अवगत कराया जाए।