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Aligarh: 176 दिन बाद अस्पताल संचालक सहित तीन पर रिपोर्ट दर्ज, प्रसव में लापरवाही से चली गई थी आंखों की रोशनी

Thu, 29 Jan 2026 12:19 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

प्रसव में देरी व सिर पिचकने से मासूम के आंखों की रोशनी चली गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने करीब 140 दिन बाद जांच परखकर अस्पताल को सील किया था। अब 176 दिन बाद अस्पताल संचालक समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अलीगढ़ शहर के क्वार्सी स्थित लार्ड कृष्णा अस्पताल में लापरवाही से प्रसव से मासूम की आंखों की रोशनी चली गई। पुलिस ने 176 दिन बाद अस्पताल संचालक सोनू राघव, डॉ. पूनम गौड़ और आशा कर्मी पूनम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने करीब 140 दिन बाद जांच परखकर अस्पताल को सील किया था। 

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स्वर्ण जयंती नगर निवासी पीड़ित शोभित भारद्वाज ने चार अगस्त 2025 को पत्नी प्रियंका को प्रसव पीड़ा होने पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने ऑपरेशन बताया। इसी दौरान आशा पूनम गुमराह कर उन्हें क्वार्सी चौराहा के समीप स्थित अपंजीकृत हॉस्पिटल लार्ड कृष्णा में लेकर चली गई। वहां पर बीएएमएस डॉ. पूनम गौड़ ने अप्रशिक्षित स्टाफ के साथ मिलकर नार्मल प्रसव कराया। प्रसव के बाद नवजात की तबीयत बिगड़ गई। चिकित्सक ने बताया कि बच्चे का सिर पिचक गया है। परिजनों ने उसे उमंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया।

प्राथमिक उपचार के बाद उसे दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि प्रसव में देरी व सिर पिचकने से आंखों की रोशनी चली गई है। 16 अगस्त को आशा पूनम ने कबूल किया कि मरीज लाने के लिए अस्पताल मालिक ने उन्हें दो हजार रुपये दिए थे। पीड़ित पिता ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई। सीओ सिविल लाइन सर्वम सिंह ने बताया कि लार्ड कृष्णा के संचालक और चिकित्सक समेत तीन पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

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