रविवार की चटख धूप के बाद सोमवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सोमवार को दोपहर बाद शाम तक बारिश होती रही। इसके चलते केला नगर पर एक पेड़ गिर गया। पूरे शहर में विभिन्न स्थानों पर लाइनों पर इंश्यूलेटर बर्स्ट होने और केबल आदि में फाल्ट आने से घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
बारिश के बाद शहर में विभिन्न स्थानों पर कीचड़ और नाले नाली उफनने की स्थिति हो गई। हालांकि इससे तापमान में गिरावट नहीं आई। अलीगढ़ का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस (स्रोत आईएमडी) रहा। सोमवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। दोपहर बाद कुछ देर के लिए बूंदा बांदी शुरू हुई।
इसके बाद और भी काले घने बादल हो गए। करीब तीन बजे बारिश होनी शुरू हो गई जो छह बजे तक जारी रही। बारिश के चलते कुछ स्थानों पर नालियां और नाले उफन आए। शहर के व्यस्त मार्केटों में कीचड़ की हालत हो गई।
शहर में वह स्थान जहां पर नाला निर्माण कार्य चल रहा है और जहां पर मलवा बाहर निकाला हुआ है, वहां पर बारिश के चलते हालत ज्यादा खराब हो गई। बारिश के चलते रामघाट रोड पर लाइनों में इंश्यूलेटर बर्स्ट हो गए। अन्य जगहों पर भी फाल्ट हुए। पूरे शहर में करीब छह बजे तक बिजली ठप रही। बाद में जैसे जैसे लाइनों की मरम्मत होती गई, आपूर्ति भी सुचारु हो गई।
‘लाइनों पर लगे इंश्यूलेटरों पर डस्ट जमा हो जाती है। पहली बारिश में वह पानी के साथ संपर्क में आती है तो इंश्यूलेटर बर्स्ट होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर लगातार बारिश होती रहे तो सब सामान्य रहता है’
- एसके चौधरी, अधिशासी अभियंता, नगरीय विद्युत वितरण खंड, द्वितीय
‘मौसम का बदलाव बच्चों और वृद्धों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। इसलिए इन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। सर्दी में ताजा खानपान, नियमित स्नान, और स्वच्छता को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है’
- डॉ. यशपाल रावल, वरिष्ठ फिजीशियन
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है सर्दी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दिनों में अलीगढ़ में सर्दी में इजाफा होने की संभावना है।
दिन- संभावित तापमान (न्यूनतम-अधिकतम) डि.से. में
22 जनवरी -- 11 और 24
23 जनवरी -- 9.0 और 21
24 जनवरी -- 8.0 और 21
25 जनवरी -- 7.0 और 20
नुमाइश : दुकानें लगने से पहले बारिश, हुआ कीचड़
नुमाइश के शुरू होते ही दुकानें सजा रहे दुकानदारों को बारिश का भी सामना करना पड़ा। नुमाइश में कुछ दुकानदार अभी अपना सामान आदि व्यवस्थित ही कर रहे हैं। इसी तरह हुल्लड़ बाजार में भी झूले और सर्कस आदि पूरी तरह नहीं लगे हैं। ऐसे में बारिश ने नुमाइश की तैयारियों की गति को बाधित किया। नुमाइश में कई जगहों पर कीचड़ की स्थिति हो गई।
सर्दी एवं बूंदाबांदी से नुमाइश में हाल बेहाल
नुमाइश हो और वर्षा न हो, ऐसा तो कई वर्षों में एक आध बार ही हुआ है। इस बार नुमाइश शुरू होते ही इंद्रदेव ने अपनी कृपा बरसानी शुरू कर दी है। नुमाइश के दूसरे दिन सोमवार को दोपहर से शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी देर सायं तक नहीं थमी। इसका असर साफ नजर आया। सर्दी एवं बूंदाबांदी के चलते नाममात्र के ग्राहक ही नुमाइश मैदान पहुंचे। कई कार्यक्रम भी लेट हो गए। सबसे ज्यादा परेशान नुमाइश के विभिन्न बाजारों में दुकान सजाने वाले एवं फड़ लगाकर बिक्री करने वाले नजर आए।
राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी और बारिश का आपस में गहरा नाता रहा है। नुमाइश के दौरान बेमौसम बारिश हमेशा से यहां स्टाल लगाने वाले दुकानदारों ही नहीं नुमाइश प्रशासन के लिए भी सिरदर्द रही है। इस साल की नुमाइश में भी बारिश का याराना जारी रहा। उद्घाटन के दूसरे ही दिन हल्की बारिश ने बूंदाबांदी की शक्ल में दस्तक देकर दुकानदारों की हालत पतली कर दी। उन्हें हर बार होने वाले जलभराव की चिंता सताने लगी है। एक दुकानदार ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि हर बार नुमाइश प्रशासन से मांग की जाती है कि वह बारिश की स्थिति में जलभराव से निपटने के इंतजाम करे। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी नुमाइश के विभिन्न बाजारों में जलभराव से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। तेज बारिश हुई तो हमें लाखों का नुकसान उठाना पड़ेगा।