जुमे की नमाज पर प्रतिबंध को लेकर विवादित बयान देने वाली अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ डॉ. पूजा शकुन पांडेय को राहत मिली है। पुलिस की ओर से दायर की गई पूजा शकुन पर दर्ज वर्ष 2019 के एक मुकदमे में जमानत निरस्तीकरण की अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। यह अर्जी सत्र न्यायालय से खारिज की गई है।
माह जून में अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडेय ने अपने बी दास कंपाउंड स्थित कार्यालय पर खून से लिखा ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम एसीएम को सौंपा था। इसमें उन्होंने कानपुर सहित देश में अब तक हुईं घटनाओं का जिक्र करते हुए जुमे की नमाज पर पाबंदी की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
साथ ही, उन पर वर्ष 2019 में महात्मा गांधी के पुतले को गोली मारने संबंधी घटना में गांधीपार्क थाने में अपराध संख्या 35/2019 पर धारा 147, 148, 149, 295 ए, 153 बी में दर्ज मुकदमे में जमानत निरस्तीकरण अर्जी सत्र न्यायालय में दायर की।
इस मामले में उनके अधिवक्ता प्रदीप कुमार महेश्वरी ने पक्ष रखा। बताया कि पुलिस ने अर्जी में जिन पांच मुकदमों का उल्लेख किया है, उसमें दो मुकदमों में पुलिस द्वारा एफआर लगा दी गई। एक मुकदमा हाई कोर्ट से स्टे है।
एकमात्र मुकदमे में जमानत पर हैं, जिसमें जमानत के नियमों का किसी भी तरह से उल्लंघन नहीं किया गया। अब प्रशासन द्वारा प्रताड़ित करने की नियत से यह अर्जी दी है। इस पर अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पुलिस की अर्जी खारिज कर दी है।