अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के बाद यहां भी वह परिवार बेहद चिंतित रहे, जिनके परिजन अमरनाथ यात्रा पर गए हैं। परिवार के सदस्य पल-पल यह जानकारी ले रहे हैं कि उनके परिजनों का क्या हाल है। मंगलवार को जब अमर उजाला की टीम ने ऐसे कुछ अमरनाथ यात्रियों के परिजनों का हाल जाना तो उनकी बैचेनी साफ दिखाई दी। सभी लोग मंदिरों में यात्रियों के सकुशल लौटने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। इस आतंकी हमले के बाद कुछ भक्तों की बीच यात्रा से वापस लौटने की जानकारी भी मिली है।
प्रेमबाबू ने बताया जम्मू में हैं
धौर्रामाफी निवासी प्रेमबाबू अपनी पत्नी वीरवती के साथ अमरनाथ यात्रा पर गए हुए हैं। प्रेमबाबू के साथ उनका भाई रामचंद सिंह व उनकी पत्नी विमलेश अमरनाथ भी गई हैं। खबर सुनकर प्रेमबाबू के पुत्र डेविड, मदन, पुत्रियां प्रीति व आरती सहित अन्य परिजन काफी चिंतित दिखाई दिए। मदन के अनुसार आखिरी बार उनकी बस चालक से बात हुई थी। रामचंद के बेटे प्रवीन कुमार का कहना था कि उनकी सुबह अपने पिता से फोन पर बात हुई है। उन्होंने खुद को जम्मू में बताया था। साथ ही यह भी बताया था कि अब वह यात्रा में आगे नहीं जाएंगे।
मुकेश ने दी सकुशल होने की जानकारी
लक्ष्मनपुरम कॉलोनी निवासी मुकेश शिवम श्री अमरनाथ सेवा मंडल करनाल के प्रधान सेवादार हैं। उनके परिजनों की मानें तो इस समय अमरनाथ गुफा और बालटाल में उनकी देखरेख में भंडारे चल रहे हैं। उनकी पत्नी प्रिया शिवम ने जब आतंकी हमले का समाचार सुना तो वह भी काफी चिंतित हुई। उन्होंने अपने पति से संपर्क किया तो मुकेश ने उन्हें अपने सकुशल होने की जानकारी दी। बेटी साक्षी, बेटा विश्वास का कहना था कि उनसे बातचीत होने के बाद ही उन्होंने राहत की सांस ली।
फोन आने पर परिजनों ने ली चैन की सांस
स्थानीय घुड़ियाबाग निवासी पवन सादाबादी की बस फंसने की खबर सुनकर घर पर मौजूद उनकी पत्नी दिव्या, बेटी काजल, बेटा मोहित बेहद चिंतित हो गए। रात को पवन का फोन आने पर ही परिवार ने चैन की सांस ली। अमरनाथ यात्रा पर गए बारहद्वारी निवासी नवल गुप्ता पिछले 12 साल से लगातार अमरनाथ जा रहे हैं। वह उसी बस में सवार हैं, जिसमें पवन सादाबादी हैं। परिजनों ने जब नवल गुप्ता से बात की तो गुप्ता ने खुद को सकुशल बताया और जानकारी भी दी कि वह तो इस समय कैंप में है।
अमरनाथ यात्रियों पर हमले के विरोध में एएमयू में कैंडल मार्च
अमरनाथ यात्रियों पर कायरतापूर्ण आतंकी हमले से एएमयू छात्र आक्रोशित एवं दुखी है। छात्रों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी से बाब-ए-सैयद तक मार्च निकालकर आतंकी कार्रवाई का विरोध किया। छात्रों ने इसमें शामिल आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। यह भी इच्छा जताई कि मुल्क के लिए वह भी सीमा पर जाकर दुश्मनों से लोहा लेने को तैयार है।
मंगलवार को छात्रों ने मगरिब की नमाज के बाद मार्च निकाला। आक्रोशित छात्रों ने कहा कि अब सिर्फ निंदा करने या सर्जिकल स्ट्राइक से काम नहीं चलने वाला है। भारत सरकार को डायरेक्ट हमला कर इंसानियत के दुश्मनों को कुचलना होगा। सरकार को चाहिए कि वह बहादुर जवानों को आतंकियों को कुचलने की छूट दे। छात्रों ने सरकार से इस मामले की जांच कराने की भी मांग की। इस मौके पर मुगल फैजान, इमरान गाजी, आमिर मिंटोई, इमरान खान, सलमान कमर, कुंवर मोहम्मद अहमद, उमर फारूक, आशीष पंडित, इमरान गांधी, मो. शिकोह, नासिर चौधरी आदि मौजूद थे।
ये बहुत दुखद घटना है। आतंकियों ने कायरता का परिचय दिया है। निहत्थे भक्तों पर गोलियां चलाईं हैं। इस हमले के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई होगी। इसका करारा जवाब दिया जाएगा। केंद्र सरकार इसकी तैयारी कर रही है। जल्द ही जवाब दिया जाएगा।
- सतीश गौतम, सांसद
भारत सरकार ऐसे हमलों में हमेशा सख्ती से निपटती रही है। अमरनाथ यात्रियों के हमलावर कहीं भी छिपे हों वो बख्शे नहीं जाएंगे। पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल पूरी स्थिति पर बारीकी से नजर रखें हुए हैं।
- चौ. देवराज सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष
पिछले दस वर्षों में इतने देशभक्त और सैनिक नहीं मरे जितने भाजपा के तीन साल के कार्यकाल में मारे गए हैं। देशभक्त का लबादा ओढ़े भाजपा अफजल गुरु को शहीद का तमगा देने वाली पीडीपी के साथ जम्मू कश्मीर में सरकार में शामिल है। ऐसे में शांति की उम्मीद कैसे हो सकती है। अब पीएम मोदी बताएं कि उनका 56 इंच का सीना कहां गया?
- अशोक यादव, सपा जिलाध्यक्ष
देश में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। अमरनाथ यात्रा सहित अन्य स्थानों पर हो रहे हमले उचित नहीं है। देश का संविधान सभी को बराबर का अधिकार देता है। किसी भी धर्म के अनुयायी के साथ इस तरह की वारदात नहीं होनी चाहिए। इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है।
- अशोक कुमार सिंह, बसपा जिलाध्यक्ष