मेरठ में चल रही पुलिस भर्ती में जट्टारी के बाद गभाना के एक युवक की एएमयू की मार्क्सशीट को रिजेक्ट कर दिया गया है। इससे एएमयू बोर्ड से हाईस्कूल एवं इंटर करने वाले छात्रों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। पुलिस अधिकारियों द्वारा एएमयू बोर्ड के अंक पत्र को रिजेक्ट किए जाने से यूनिवर्सिटी के शीर्ष अधिकारी भी हैरान हैं। इन्हें अभी तक यह समझ में नहीं आ रहा कि आखिर एएमयू बोर्ड के अंक पत्र को क्यों रिजेक्ट किया जा रहा है।
सोमवार को मेरठ में पुलिस भर्ती के दौरान जट्टारी के हजियापुर निवासी पवन सिंह मालान पुत्र ओमपाल सिंह के एएमयू बोर्ड के हाईस्कूल के अंक पत्र को अमान्य करार देकर बैरंग लौटा दिया गया। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद नए-नए युवक सामने आने लगे हैं। गभाना के चांदनेर निवासी विनीत पाल सिंह के एएमयू के अंक पत्र को भी पुलिस भर्ती में नकार दिया गया है।
विनीत अभी एएमयू में बीसीए के छात्र हैं। विनीत पाल सिंह का कहना है कि 13 अगस्त को उन्हें भर्ती बोर्ड से यह कहकर लौटा दिया गया कि एएमयू बोर्ड का प्रमाण पत्र मान्य नहीं है। उनका कहना था कि हमारे पास एएमयू का रिकार्ड नहीं है आप भर्ती बोर्ड जाएं।
जब वे शिकायत लेकर कंट्रोलर आफिस गए तो किसी ने ध्यान नहीं दिया और इधर-उधर टहलाते रहे। इस संबंध में एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर का कहना है कि काउंसिल ऑफ बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन इन इंडिया (कोबसे) में एएमयू बोर्ड को पंजीकृत करा दिया गया है। पुलिस भर्ती में एएमयू बोर्ड के अंक पत्र को स्वीकार नहीं किया जाना अजीब बात है। क्या अधिकारियों को एएमयू के बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि पूरा मामला लिखित में आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारी नहीं बता पाए एएमयू की मार्क्सशीट क्यों मान्य नहीं
अलीगढ़। यूपी पुलिस के भर्ती बोर्ड ने सभी जिलों के भर्ती बोर्ड को उन संस्थानों की सूची भेज रखी है, जिनके अंकपत्र पुलिस भर्ती में मान्य हैं या अमान्य हैं। मगर उस सूची में एएमयू का नाम किसी श्रेणी में नहीं है।
हां, मान्य संस्थानों की सूची के एक कॉलम में इतना जरूर उल्लेख है कि विधिमत संचालित सभी विश्वविद्यालयों व शिक्षा परिषदों के अंकपत्र मान्य होंगे। ऐसे में एएमयू के अंकपत्र को मान्य क्यों नहीं किया जा रहा..? इस सवाल के जवाब से खुद स्थानीय अफसर भी अनभिज्ञ हैं। मेरठ भर्ती बोर्ड से वापस किया गया जट्टारी के हजियापुर का युवक मंगलवार को एसएसपी और पुलिस भर्ती के नोडल अफसर एसपी ट्रैफिक से मिला।
दोनों अफसरों ने उसे मुख्यालय जाने की सलाह दी है। पुलिस भर्ती बोर्ड की वेबसाइट पर गौर करें तो उसमें तीन संस्थानों के अंकपत्र अमान्य बताए हैं, जिनके नाम उल्लेखित हैं। बाकी देश में विधिमत संचालित विश्वविद्यालयों व शिक्षा परिषदों के अंकपत्र मान्य बताए हैं। यह सूची माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव की ओर से दी गई है। भर्ती बोर्ड के नोडल अफसर ने बताया कि मेरठ बोर्ड ने क्यों एएमयू की मार्कशीट को क्यों अमान्य किया है। यह वह समझ नहीं पा रहे। 4 अगस्त को हुई भर्ती बोर्ड की बैठक में यह सूची उपलब्ध कराई गई थी।