सप्ताह में शायद ही कोई दिन बचता हो, अन्यथा हर दिन शहर दिन के कई घंटे जाम से जूझता है। पुलिस प्रशासन की ओर से शहरवासियों को जाम से निजात के लिए जी-तोड़ प्रयास किए जा रहे हैं, मगर इस व्यवस्था को चौपट करने ऑटो-ई रिक्शा का बड़ा हाथ है। इनके लिए न कोई रूट निर्धारित है, न कोई ठहराव स्थल। न इनके लिए यातायात नियम मायने रखते हैं और न ट्रैफिक लाइटों पर ये रुकते हैं। अव्यवस्था के साथ दौड़ते यह वाहन शहर की यातायात व्यवस्था को पलीता लगाने में 50 फीसदी काम करते हैं।
बात अगर एसपी सिटी दफ्तर के पास रसलगंज चौराहे से शुरू करें तो वहां पुलिस चौकी भी है। इसके बाद भी यहां बेतरतीब ढंग से खड़े ऑटो, ई- रिक्शा चालक सवारियां भरते हुए देखे जा सकते हैं। यही हालात कबरकुत्ता, कंपनी बाग, दुबे पड़ाव, एटा चुंगी, सासनी गेट, सारसौल, जमालपुर, क्वार्सी चौराहे पर देखने को मिलती है। उक्त सभी चौराहों पर यह वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े होकर सिस्टम को तो मुंह चिढ़ाते दिखाई देते हैं। जाम को बढ़ावा देते हैं।
हालात ये हैं कि एक चौराहे से जाम लगना शुरू होता है और उसका असर दूसरे चौराहे पर पहुंचने लगता है। वहां खड़े यातायात कर्मियों की भूमिका भी इसलिए संदिग्ध लगती है कि जब किसी वरिष्ठ अधिकारी या वीवीआईपी के आने की सूचना होती है तो यातायातकर्मी इन्हें दौड़ाते नजर आएंगे। बाकी समय में ऐसा नहीं होता है।
सबसे ज्यादा बुरा हाल ई रिक्शा की वजह से है, जो तंग गलियों व संकरे बाजारों में जाम को बढ़ावा देते हैं। चाहे सिविल लाइंस के दोदपुर, मैरिस रोड, लालडिग्गी, समद रोड की बात करें या पुराने शहर के सराय हकीम, बारहद्वारी, देहली गेट, मानिक चौक, मामू भांजा, हलवाई खाना, रेलवे रोड, जयगंज की बात करें। हर तरफ ये ई रिक्शा जाम का बड़ा कारण बन चुके हैं।
इन बाजारों में रहता जाम
रसलगंज, बारहद्वारी, कवरकुत्ता, महावीरगंज, रेलवे रोड, खैर रोड, गोंडा रोड, शाहजमाल, ऊपरकोट, बड़ा बाजार, सराफा, जयगंज, मदारगेट, सासनीगेट, आगरा रोड, सासनीगेट चौराहा, दुबे का पड़ाव, एटा चुंगी, नौरंगाबाद छावनी, क्वार्सी चौराहा, रामघाट रोड, मेडिकल रोड, अमीरनिशां, शमशाद मार्केट, एएमयू चुंगी, जमालपुर समेत अन्य बाजारों में इनकी वजह से जाम लग रहा है।
16 किमी दायरे में चलने का लाभ
जिले में पांच ऑटो संचालन केंद्र है। तय नियम के मुताबिक संचालन केंद्र की 16 किमी की परिधि में सवारी लाने-ले जाने की अनुमति ऑटो संचालकों को दी जाती है। इस परिधि से बाहर जाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। इसके साथ ही निजी बसों के मार्ग पर इन सवारी ऑटो को चलाने की अनुमति नहीं है। बावजूद इसके ये हर तरफ दौड़ते हैं। 2019 से सिर्फ सीएनजी वाहनों को परमिट मिल रहे हैं और वही जाम का कारण बन रहे हैं। पंजीकृत ऑटो व ई रिक्शा का आंकड़ा बेशक कम है। मगर गैर पंजीकृत की संख्या बहुत अधिक है।
अवैध व बेतरतीब दौडऩे वाले ऑटो व ई रिक्शा पर लगातार कार्रवाई जारी है। इन्हें जागरूक भी किया जाता है। इनके खिलाफ पुलिस के सहयोग से लगातार कार्रवाई व नियमितीकरण का काम जारी है। -फरीदुद्दीन, आरटीओ
एसएसपी ने लिया जायजा, सड़क पर खड़े न होने पाएं ऑटो
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बृहस्पतिवार को एसपी यातायात मुकेश चंद्र उत्तम संग शाम को शमशाद मार्केट पर पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने लोगों से संवाद कर सड़क पर अवैध रूप से वाहन व ऑटो खड़े होने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ में लोगों से भी सड़क पटरी पर अतिक्रमण न करने की अपील की।
ये हैं जिले में ऑटो-ई रिक्शा: 4902 ऑटो, 3819 ई- रिक्शा, 67 ई-कार्ट।