कोरोना की एंटीजन जांच के नाम पर लैब तकनीशियनों की कारगुजारियां लगातार उजागर हो रही हैं। बृहस्पतिवार को दीनदयाल अस्पताल और जिला अस्पताल में तैनात एलटी टीमों के भी नाम जुड़ गए हैं। आरोप है कि इन लैब तकनीशियनों ने कई संदिग्ध कोरोना मरीजों की जांच की, जिसमें कई संक्रमित पाए गए। मगर, इनका नाम-पता छिपा लिया गया। रिकार्ड रजिस्टर में इनको निगेटिव दर्शाकर होम आइसोलेट करा दिया गया। इसकी एवज में सुविधा शुल्क भी लिया गया। पूरा मामला डीएम की समीक्षा बैठक में सामने आया। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि इस मामले में जो भी एलटी या अन्य कर्मचारी शामिल हैं। उनको किसी भी हाल में बख्शा न जाए। उनके खिलाफ एफ आईआर दर्ज कराई जाए।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं मलखान सिंह जिला अस्पताल में लैब तकनीशियनों द्वारा एंटीजन किट के माध्यम से कोविड-19 की जांच में धनात्मक पाए जाने वाले मरीजों को नियम विरुद्ध होम आइसोलेट किया जा रहा है। रिकार्ड भी नहीं दिया जा रहा है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रभारी अधिकारी, कंट्रोल सेंटर दीनदयाल व मलखान सिंह जिला अस्पताल के एंटीजन जांच का रजिस्टर मंगाकर सत्यापन कराएं। इसमें सीएमएस सहयोग करेंगे। गौर हो कि पहले भी एलटी व स्वास्थ्य विभाग पर निजी अस्पतालों को एंटीजन किट बेचे जाने व मरीजों की जांच के बाद उनका रिकार्ड छिपाने का आरोप लग चुका है।