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कश्मीरी जनता का खून चूस रहे क्षेत्रीय राजनीतिक दलः एएमयू के पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद

Sun, 17 Feb 2019 09:19 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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sajad subhan rather - फोटो : फाइल फोटो
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पुलवामा में शहीद जवानों को लेकर विवादित ट्वीट करने वाले छात्र बासिम हिलाल का बचाव कर चर्चा में आए एएमयू छात्र संघ के सचिव सज्जाद सुभान रॉथर ने एक और विवादित बयान दिया है। उनका कहना है कि जम्मू कश्मीर में क्षेत्रीय राजनीतिक दल द्वारा जनता का खून चूसा जा रहा है। हालात बिगाड़ने में स्थानीय पुलिस का भी हाथ है। 

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उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस बेबुनियाद लोगों को सता रही है। सुनने में आया है कि मारे गए आतंकी मन्नान वानी एवं पुलवामा में विस्फोट करने वाले आदिल के साथ स्थानीय पुलिस ने ज्यादती की है। केंद्रीय सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि वह जनता एवं स्थानीय पुलिस के बीच के संबंध को बेहतर बनवाने की दिशा में कार्य करें। आतंकियों का यही आरोप रहता है कि पुलिस ने उनके साथ या उनके परिजनों के साथ जुल्म किया। मैंने भी अध्ययन किया है। पुलिस जुल्म के कारण युवक गलत रास्ते पर जा रहे हैं। उन्होंने अंडर ग्रेजुएट पुलिस भर्ती बंद करने की मांग की और कहा कि पुलिस भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता ग्रेजुएट निर्धारित की जाए। 

पुलिसकर्मियों को मोरल ट्रेनिंग देने की भी जरूरत है। सज्जाद ने जम्मू कश्मीर के तमाम क्षेत्रीय दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि अपने खानदारी राज को कायम रखने के लिए कानून व्यवस्था के नाम पर पुलिस का इस्तेमाल करते हैं। इनकी कोशिश होती है कि हिंसा के नाम पर जम्मू कश्मीर में कम से कम मतदान हो और जो हो इनके पक्ष में हो। केंद्र सरकार का पैसा जनता पर नहीं अपने ऊपर एवं कार्यकर्ताओं पर खर्च करते हैं। इनके पास बेपनाह संपत्ति कहां से आई। इन दलों की वजह से कश्मीर में युवा जेल में हैं। क्षेत्रीय दल पहले युवाओं को मरवाते हैं और फिर उनके घर वोट लेने पहुंच जाते हैं। उन्होंने तमाम क्षेत्रीय नेताओं को चुनौती दी कि वे लोग बिना सुरक्षा लाल चौक पर आएं और जनता को संबोधित करें। लोग इन्हें जूता मारेंगे। उल्लेखनीय है कि एएमयू के शोध छात्र सज्जाद कश्मीर के निवासी हैं और छात्र संघ का उपाध्यक्ष रह चुके हैं।
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सज्जाद को झेलना पड़ रहा छात्रों का आक्रोश 
पुलवामा अटैक पर आपत्तिजनक ट्वीट करने वाले छात्र बासिम हिलाल का बचाव करने वाले एएमयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर कैंपस में अकेले पड़ते जा रहे हैं। उन्हें छात्र नेताओं का आक्रोश भी झेलना पड़ रहा है। एएमयू छात्र संघ के दो पूर्व पदाधिकारी एवं कुछ छात्र सज्जाद से मिलकर गलत बयानी नहीं करने की सलाह दी है। छात्र नेताओं ने उनके बयानबाजी पर नाराजगी भी जतायी। छात्र नेताओं का कहना है कि गलत बयानी से एएमयू की छवि धूमिल हो रहा है, जिसे यहां के छात्र बर्दाश्त नहीं करेंगे। सबसे पहले देश है उसके बाद कुछ और।

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