मोहल्ले में तनाव और पुलिस की गतिविधियों को देखते हुए मोहल्ले की महिलाएं अपने बच्चों को लेकर रात में घरों से आसपास के मोहल्लों में अपने परिचितों या रिश्तेदारों के घरों को जाने लगी थीं। देर रात तक इस पूरे घटनाक्रम पर अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं थे। इधर, शासन स्तर पर डीजीपी व प्रमुख सचिव गृह देर रात तक पल-पल का अपडेट ले रहे थे।
शहर की सुरक्षा में तत्काल लगाया भारी भरकम फोर्स
तनाव को देखते हुए शहर में पहले से ही दो कंपनी पीएसी, दो कंपनी आरएएफ, एक कंपनी आरआरएफ तैनात है। रात 9 बजे इस खबर के आने के बाद पांच कंपनी पीएसी और आसपास के जिलों से मंगा ली गई और गैर जनपदों से 250 सिपाही बुला लिए गए। साथ में जिले के सभी एसओ-इंस्पेक्टर, सीओ भी शहर में बुला लिए गए थे। हालात यह थे कि किसी को बहाना बनाने का मौका नहीं दिया गया। बस यही आदेश जारी किया गया कि जो जैसी हालत में है, वह सीधे जिला मुख्यालय पहुंचे।
देर रात तक शहर को संगीनों के साये में ले लिया गया था। खुफिया टीमें भी सक्रिय कर दी गई थीं और ड्रोन कैमरों से निगरानी भी शुरू कर दी गई थी। एडीएम सिटी राकेश मालपानी ने बताया कि शहर में पुलिस प्रशासनिक मशीनरी अलर्ट मोड पर है। यलो स्कीम लागू कर दी गई है। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। शहर को 25 सेक्टरों में बांटकर यलो स्कीम लागू कर दी गई है और जिले की पांचों तहसीलों के एसडीएम बुलाकर विशेष मजिस्ट्रेट के रूप में लगाए गए हैं।
शहर के अन्य इलाकों में सरगर्मियां हुईं तेज
इस घटना की खबर हालांकि देर रात तक अधिकारी दबाए रहे। मगर परिवार और परिचितों के मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद खबर को ज्यादा देर तक दबाया नहीं जा सका। इसके बाद पुराने शहर के साथ-साथ सिविल लाइंस इलाके में भी सरगर्मियां तेज हो गई थीं। दोनों ही समुदायों के लोग शहर के हालात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करते देखे गए और जानकारी लेते रहे। बाइकों पर टोलियों में इधर से उधर अपडेट लेते रहे।
तारिक की मौत पर उबले सपाई-मुस्लिम नेता
बाबरी मंडी कांड में तारिक की मौत की खबर आते ही सपाई उबल गए। सपाइयों ने लचर कानून व्यवस्था, एकतरफा प्रशासनिक कार्रवाई और अन्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल दागे। सपाइयों ने सवाल उठाया कि अगर सांसद और विधायक पूरी अवाम के नुमाइंदे हैं तो आज तक तारिक के परिजनों से, घायल तारिक से मिलने कोई भी क्यों नहीं पहुंचा है? हत्यारोपी विनय वार्ष्णेय को इस मामले में नायक की तरह क्यों पेश किया गया है? पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह और युवजन सभा के प्रदेश सचिव सलमान शाहिद, एएमयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष माजिन जैदी तारिक के इंतकाल की खबर पर मौके पर एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे और उन्होंने जिला प्रशासन और शासन की मंशा पर कई सवाल दागे। पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह ने मौके से ही तारिक की मौत की पुष्टि भी की।
किसने क्या कहा
भाजपा नेताओं को शर्म आनी चाहिए कि वो बेहद नाजुक हालात में मेडिकल कॉलेज में भर्ती तारिक से कोई भी मिलने तक नहीं आया। अगर सरकार पूरी अवाम की है तो वो कहां हैं? अगर धर्म विशेष की सरकार है तो कोई बात नहीं। तारिक की मौत पर हमें बहुत अफसोस हैै। हत्यारोपी विनय से मिलने वालों के खिलाफ साजिशकर्ता के तौर पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए। विनय को आखिर नायक की तरह क्यों पेश किया जा रहा है? -
पूर्व सपा विधायक हाजी जमीरउल्लाह
तारिक की हालात खराब थी, उसको वेंटिलेटर पर रखा गया था। अब उसके गुनहगारों को ऐसी सजा होनी चाहिए जिससे दूसरे लोग सब ले सकें। ये मामला धर्म से जोड़ा कर न देखा जाए। इसमें सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई ऐसी हो बाकी कोई ऐसा करने से डरे। ऐसा करने से ही हमारा लोकतंत्र मजबूत हो सकता है। केवल भाषणों से लोकतंत्र मजबूत नहीं होगा। विनय वार्ष्णेय को नायक की तरह पेश करने से सद्भाव नहीं बनेगा।
-जिबरान हसन ख्वाजा
मैं लगातार तारिक का हाल जानता रहा। उसकी तबियत में सुधार नहीं हुआ। ये बहुत अफसोसजनक है कि हत्यारोपी के साथ पूरा सत्तापक्ष है और पीड़ित पक्ष से तारिक की मौत होने तक कोई बात तक करने नहीं करने आया। जनता सब देख रही है और इसका जवाब भी देगी। सभी लोग एकपक्षीय फैसला नहीं करते क्योंकि देश का तानाबाना सबसे मिलजुल कर बना है। किसी एक से नहीं। विनय वार्ष्णेय हत्यारोपी है और उससे मिलने के लिए सत्तारूढ़ दल के नेता जेल में लाइन लगा कर आते हैं। ये समदर्शी राजनीति और कानून व्यवस्था की कौन सी परिभाषा है।
-सलमान शाहिद, युवजन सभा के प्रदेश सचिव
रात 12 बजे बाबरी मंडी तारिक के घर के बाहर तैनात एसडीएम कोल संजीव ओझा व पीएसी के जवान।- फोटो : CITY OFFICE