आरटीओ दफ्तर का रिकॉर्ड रूम खाली कर वाहनों का रिकॉर्ड बाहर निकलवा कर बिल्डिंग की रैकों में रखवा दिया गया है। विभागीय लापरवाही के चलते कोई भी व्यक्ति वाहनों का रिकॉर्ड आसानी से गायब कर सकता है।
नए डीएल (ड्राइविंग लाइसेंस) की प्रक्रिया के चलते विभागीय अफसरों से कंप्यूटर आदि के लिए रूम की मांग की थी। विभागीय अफसरों ने गाज गिरने के डर से आननफानन वाहनों के रिकॉर्ड रूम को खाली तो करा दिया। वह रिकॉर्ड बिल्डिंग में प्रथम तल और दूसरे तल पर विभिन्न सेक्शनों के बाहर रैकों में रखवा दिया। कुछ बचा तो तत्कालीन एआरटीओ (प्रवर्तन) राकेश सिंह के कक्ष में भी रखवा दिया।
बिल्डिंग में रिकॉर्ड तो राम भरोसे रखा हुआ है। कोई भी बाहरी व्यक्ति उस रिकॉर्ड को उठाकर आसानी से अपने साथ ले जा सकता है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि विभागीय अफसर वाहनों के रिकॉर्ड को लेकर कितने सचेत हैं। जबकि विभाग में प्रतिदिन विभिन्न कामों से करीब 3-4 सौ लोग आते हैं, ऐसे में वाहनों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने पर सवालिया निशान लगा हुआ है।
रिकॉर्ड की हिफाजत करने का जिम्मा विभाग के चपरासी का है। दिन में एक और रात में दो चपरासियों की ड्यूटी आरटीओ दफ्तर में रहती है। रिकॉर्ड गायब होने का प्रश्न ही नहीं उठता।
- विक्रम सिंह, आरटीओ