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टूटा 25 साल का रिकार्ड, सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त, टापू बना शहर

सार

वहीं बारिश में फंसने के कारण वाहनों के बंद होने पर जगह जगह वाहन मिस्त्री या उन्हें खींचकर ले जाने के लिए ऑटो-टिर्री चालक चांदी काटते दिखे। त्योहारी सीजन में करवाचौथ से ऐन पहले बाजार में जलभराव व बारिश से व्यापारी परेशान दिखे, जो दुकानें खुली थीं, वे भी शाम को समय से पहले ही बंद हो गईं।अक्तूबर में ये टूटा रिकार्ड- कृषि विभाग के अनुसार अक्तूबर माह में बारिश ने 25 साल पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है। पिछले तीन दिन में ही अब तक 97 मिमी बारिश हो चुकी है।जलभराव प्रभावित इलाके शाहजमाल, गोविंद नगर, नौरंगाबाद, मैलरोज बाईपास, कुंवर नगर, पला रोड, भुजपुरा, महेंद्र नगर, पला साहिबाबाद, सुरेंद्र नगर, छावनी, विष्णुपुरी, सुदामापुरी, डोरी नगर, जज कंपाउंड, मलखान नगर, गूलर रोड, रघुवीरपुरी, अशोक नगर आदि इलाकों में घरों में पानी घुसा।
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रामघाट रोड क्वार्सी चुंगी गड़ढे में फसी एम्बुलेंस को ढक्का मारते स्थानीय लोग । अमर उजाला - फोटो : CITY OFFICE
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विस्तार
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पिछले 36 घंटे से लगातार और तीन दिन से हो रही बारिश ने पिछले 25 साल के रिकार्ड तोड़ते हुए शहर में हर व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है। जगह-जगह जलभराव के चलते शहर टापू जैसा नजर आ रहा है। ऊपरकोट और उससे सटे इलाके को छोड़ दें तो शहर का कोई ऐसा इलाका नहीं, जहां जलभराव न हुआ हो और कुछ ऐसे इलाके भी हैं, जहां कभी जलभराव नहीं हुआ, मगर इस बार पानी भर गया।
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कुल मिलाकर इस रिकार्ड तोड़ बारिश के चलते शहर भर में हालात खराब हैं। नगर निगम के इंतजाम नाकाफी हैं। आगामी अलर्ट को देखते हुए डीएम ने अगले दो दिन के लिए 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। साथ ही, जरूरी सेवाओं को लेकर हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
तीसरे दिन इस तरह हुई बारिश
बारिश की शुरुआत शुक्रवार दोपहर से हुई। हालांकि, शुक्रवार को हल्की बारिश हुई। देर रात तक फुहार बरसती रहीं। शनिवार को दिन भर बारिश रुक-रुककर होती रही। मगर शाम होते ही मूसलाधार बारिश शुरू हुई और सुबह तक अनवरत रही। रविवार सुबह बारिश कुछ देर रुकी। इसके बाद फिर दिन भर रुक-रुककर होती रही। देर शाम करीब 5 बजे जाकर बारिश का क्रम हल्का हुआ। मगर बादल साफ इशारा कर रहे थे कि वे कभी भी बरस सकते हैं।
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बाजार चौपट, सड़कों पर फंसते और गिरते रहे वाहन
बारिश के चलते शहर के अधिकांश बाजार सुबह से ही बंद रहे। कुछ वे दुकानदार जरूर दुकानें खोलकर बैठ गए, जो आसानी से अपने प्रतिष्ठान तक पहुंच सके थे। मगर उनके यहां भी दिन भर ग्राहकों का टोटा ही रहा। खान पान, चाय तक की अधिकांश दुकानें बाजार में बंद रहीं।
शहर की सड़कों पर जलभराव के कारण जगह-जगह वाहन पानी में फंसकर बंद होते रहे या फिर कुछ जगहों पर सड़कों में गड्ढे होने के कारण गिरते रहे। कुछ जगहों पर टिर्री पलट गईं तो कहीं कार खराब हो गईं। इस तरह की खबरें दिन भर आती रहीं।
वहीं बारिश में फंसने के कारण वाहनों के बंद होने पर जगह जगह वाहन मिस्त्री या उन्हें खींचकर ले जाने के लिए ऑटो-टिर्री चालक चांदी काटते दिखे। त्योहारी सीजन में करवाचौथ से ऐन पहले बाजार में जलभराव व बारिश से व्यापारी परेशान दिखे, जो दुकानें खुली थीं, वे भी शाम को समय से पहले ही बंद हो गईं।
अक्तूबर में ये टूटा रिकार्ड
- कृषि विभाग के अनुसार अक्तूबर माह में बारिश ने 25 साल पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है। वर्ष 1997 में इतनी अधिक बारिश हुई थी। अक्तूबर में केवल पांच मिमी बारिश की जरूरत थी। पिछले तीन दिन में ही अब तक 97 मिमी बारिश हो चुकी है।
जलभराव प्रभावित इलाके
शाहजमाल, गोविंद नगर, नौरंगाबाद, मैलरोज बाईपास, कुंवर नगर, पला रोड, भुजपुरा, महेंद्र नगर, पला साहिबाबाद, सुरेंद्र नगर, छावनी, विष्णुपुरी, सुदामापुरी, डोरी नगर, जज कंपाउंड, मलखान नगर, गूलर रोड, रघुवीरपुरी, अशोक नगर आदि इलाकों में घरों में पानी घुसा। इसके अलावा, विक्रम कॉलोनी, देवी नगला, कुलदीप विहार, विद्या नगर, स्वर्ण जयंती नगर, रामघाट रोड, मैरिस रोड में गलियों-सड़कों पर जलभराव। जिला अस्पताल, जेएन मेडिकल कॉलेज के वार्डों तक में पानी भर गया।
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यहां से लें मदद
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कंट्रोल रूम नंबर - 0571-2700128
टोल फ्री नंबर - 1077
प्रभारी अधिकारी दैवी आपदा -9454417749
आपदा सहायक -7906853081
नगर निगम कंट्रोल रूम - 7500441344, 0571-2750250
टोल फ्री नंबर-1533
बारिश की स्थिति
सितंबर में हुई बारिश = 144 मिमी
तीन दिन में हुई बारिश = 97 मिमी
शुक्रवार = 04 मिमी
शनिवार = 13 मिमी
रविवार = 80 मिमी
पिछले पांच साल में अक्तूबर माह में हुई बारिश
वर्ष बारिश
2018 80.03 मिमी
2019 72.08 मिमी
2020 04.00 मिमी
2021 118.28 मिमी
2022 300.02 मिमी
जिले में फसलों का रकवा
धान का कुल रकवा - 85,580 हेक्टेयर
बाजरे का कुल रकवा - 81,000 हेक्टेयर
मक्का का कुल रकवा - 19,871 हेक्टेयर
अरहर का कुल रकवा - 10,380 हेक्टेयर
उड़द का कुल रकवा - 900 हेक्टेयर
मूंग का कुल रकवा - 451 हेक्टेयर
तिल का रकवा - 77 हेक्टेयर
मूंगफली का रकवा - 127 हेक्टेयर

सेंट्रल पार्क अपार्टमेंट में पानी में डूबी कार। अमर उजाला- फोटो : CITY OFFICE

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