अलीगढ़ महानगर में 24 अक्तूबर को विजयादशमी पर्व एवं दशहरा मेले में उमड़ने वाले अपार जनसमूह को लेकर पुलिस-प्रशासनिक स्तर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विजयादशमी पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पथ संचलन एवं विभिन्न शोभायात्रा भी पुलिस की देखरेख में निकाली जाएंगी।
एसएसपी के अनुसार इस बार नुमाइश मैदान में त्रिस्तरीय सुरक्षा के लिए पुलिस, पीएसी एवं आरएएफ को तैनात किया जाएगा। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि पुतला दहन से पहले शहर में शोभायात्रा निकलेगी। रामलीला मैदान से शुरू होकर शहर में भ्रमण के बाद नुमाइश मैदान पहुंचेगी। इसको लेकर यातायात डायवर्जन, सुरक्षा आदि को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे आयोजन स्थल पर चारों ओर से सुरक्षा घेरा होगा।
24 अक्तूबर दोपहर से ही सुरक्षा जांच के बाद रावण पुतला दहन स्थल को सुरक्षा घेरे में ले लिया जाएगा। इसके बाद आयोजन के समय प्रवेश चेकिंग आदि के बाद ही होगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 500 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। सादा वर्दी में भी पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। पूरे कार्यक्रम स्थल को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। पूरे परिसर को दो जोन एवं 11 सेक्टरों में बांटा गया है। उन्होंने कहा कि मेले में किसी प्रकार के शस्त्र प्रदर्शन पर कड़ी कार्रवाई होगी। एसएसपी ने बताया कि जिले भर में अलर्ट जारी किया गया है। थाना स्तर से लेकर चौकी एवं बीट स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रहेगी रोक, बदलेगी यातायात व्यवस्था
एसपी यातायात मुकेश चंद्र उत्तम ने बताया कि दशहरा पर श्रीरामचंद्र महाराज, सिंहासन शोभायात्रा, काली जी की सवारी अचलताल से शुरू होकर आर्यसमाज रोड, मदारगेट चौराहा, गांधीपार्क, मामूभांजा, मीरूमल चौराहा मामूभांजा स्थित श्री राधामोहन मंदिर से श्री काली जी सवारी मोहल्ले में भ्रमण के उपरांत शोभायात्रा में सम्मिलित होगी। पत्थर बाजार, बारहद्वारी चौराहा, रघुवीरपुरी चौराहा, कोल तहसील के सामने होते हुए नुमाइश मैदान पंहुचेगी। नुमाइश मैदान में रावण वध लीला मंचन के बाद श्रीराम, लक्ष्मण, सीता आदि के डोले मसूदाबाद जीटी रोड होते हुए वापस रामलीला मैदान अचलताल पहुंचेंगे।
बाह्य डायवर्जन
(समय दोपहर एक बजे से समाप्ति तक)
बौनेर तिराहा, एटा चुंगी से गांधीपार्क बस अड्डा की तरफ से आने वाले समस्त प्रकार के भारी वाहन, रोडवेज बस, प्राइवेट बस प्रतिबंधित रहेंगे। यह वाहन बौनेर तिराहा / एटा चुंगी चौराहे से डायवर्ट होकर अपने गंतव्य को जाएंगे। - दिल्ली/ बुलंदशहर की तरफ से सारसौल चौराहा की तरफ आने वाले वाले समस्त प्रकार के भारी वाहन भांकरी पुल से डायवर्ट होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे।
खैर, टप्पल की तरफ से सारसौल चौराहा, बरौला पुल की ओर से आने वाले वाहन खेरेश्वर चौराहे, हरदुआगंज, रामघाट रोड की तरफ से शहर की तरफ आने वाले वाले क्वार्सी चौराहा से डायवर्ट होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे। आगरा, हाथरस, मथुरा/ इगलास की तरफ से शहर की तरफ आने वाले समस्त भारी वाहन डायवर्ट होकर गंतव्य तक जा सकेंगें।
आंतरिक डायवर्जन
(समय सायंकाल चार बजे से समप्ति तक)
रावण पुतला दहन के समय कंपनीबाग चौराहा, रसलगंज चौराहा, मसूदाबाद चौराहा, नुमाइश मैदान, शंहशाह तिराहा, ब्ल्यू वर्ड स्कूल, पुलिस लाइन तस्वीर महल, जेल पुल के नीचे मैहर पैलेस, गूलर रोड नगर निगम वर्कशॉप चौराहा, आईटीआई पुलिस चौकी से नुमाइश मैदान की तरफ आने वाले समस्त प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।
पार्किंग व्यवस्था
वीवीआई के लिए मुजम्मिल गेट के दाहिनी ओर, काकोरी द्वार से अंदर दोनों ओर, कृष्णांजली के सामने, नुमाइश मैदान गेस्ट हाउस गेट के सामने खाली मैदान में होगी। रसलगंज चौराहे की तरफ से कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों के वाहनों की पार्किंग मसूदाबाद बस अड्डा में, सारसौल चौराहे से आने वाले वाहन एनसीसी मैदान एवं सिचाई विभाग ट्यूबबेल कॉलोनी, बारहद्वारी/होली चौक से वाहन नगर निगम वर्कशॉप के बराबर खाली मैदान में वाहन पार्क होंगे। इसके अलावा सारसौल चौराहा, मसूदाबाद चौराहा, रसलगंज, तहसील तिराहा, बन्नादेवी तिराहा, नगर निगम वर्कशॉप तिराहा, शहंशाह तिराहा, डी - विश्वास तिराहा, आईटीआई तिराहा, तस्वीर महल, जेल पुल तस्वीर महल पर बैरियर बनाए गए हैं।
167 स्थानों पर होगा पुतला दहन का कार्यक्रम
शहर में नुमाइश मैदान, नगला तिकोना, नगला बरौला, जलालपुर में रावण के पुतले का दहन होगा। इसके अलावा शहर के विभिन्न गली, मुहल्लों में रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। जिले भर में हरदुआगंज, अतरौली, पालीमुकीमपुर, छर्रा, दादों, गंगीरी, जलाली, अकराबाद, कौडियागंज, विजयगढ़, बेसवां, गोरई, इगलास, गौंडा, नगला जुझार, खैर, जट्टारी, टप्पल, पिसावा, चंडौस, सोमना-गभाना, बरौली, जवां, कासिमपुर, तालिबनगर आदि समेत कुल 167 स्थानों पर रावण, कुंभकरण, मेघनाद के पुतलों का दहन एवं मेलों का आयोजन होगा।