संग्रहालय में 75 वर्ष से अधिक पुरानी ऐतिहासिक पालकी का भी प्रदर्शन किया जाएगा, जिसे कन्नौज के एक प्रतिष्ठित परिवार द्वारा संरक्षित किया गया था, जिसे पहली बार प्रदर्शित किया जाएगा। संरक्षित चित्रकला और पांडुलिपियां दिखाई जाएगी।
18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस है। एएमयू के मूसा डाकरी संग्रहालय में दुर्लभ चीजें संरक्षित की गई हैं, जो आकर्षण का केंद्र हैं। पांडुलिपियाें-पालकी की प्रदर्शनी भी लगेगी, जिसे स्कूली बच्चे देख सकेंगे। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी भी होगी। जहां संग्रहालय में एआई की पहुंच को लेकर भी चिंतन-मनन होगा।
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संग्रहालय विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. अब्दुर्रहीम ने बताया कि संग्रहालय में 75 वर्ष से अधिक पुरानी ऐतिहासिक पालकी का भी प्रदर्शन किया जाएगा, जिसे कन्नौज के एक प्रतिष्ठित परिवार द्वारा संरक्षित किया गया था, जिसे पहली बार प्रदर्शित किया जाएगा। संरक्षित चित्रकला और पांडुलिपियां दिखाई जाएगी। प्रदर्शनी का उद्घाटन कुलपति प्रो. नइमा खातून करेंगी।
संगोष्ठी में पद्मश्री प्रो. हकीम सैयद जिल्लुर रहमान, संग्रहालय विज्ञान विभाग, एमएस यूनिवर्सिटी, बड़ौदा के अध्यक्ष प्रो. अंबिका पटेल, जीव विज्ञान संकाय के डीन एएमयू प्रो. नफीस अहमद खान शामिल होंगे। मुख्य वक्ता समावेशी संग्रहालय एवं सतत विरासत विकास ऑस्ट्रेलिया के यूनेस्को अध्यक्ष प्रो. अमरेश्वर गल्ला होंगे। उन्होंने कहा कि विभाग में स्कूली बच्चों के लिए एक विशेष भ्रमण का आयोजन भी कर रहा है, ताकि युवा पीढ़ी संग्रहालयों की प्रासंगिकता को समझ सकें और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता विकसित कर सकें।