फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नव सृजित नगर पंचायतों में ओबीसी का रैपिड सर्वे पूरा

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले की नवसृजित सात नगर पंचायतों में परिसीमन के बाद आरक्षण की प्रक्रिया से पूर्व ओबीसी (अन्य पिछड़ा) का रैपिड सर्वे पूरा हो गया है। शासन के निर्देश पर तहसील एवं नगर पंचायत स्तर पर यह सर्वे किया गया है। पिसावा नगर पंचायत में सबसे अधिक 45 प्रतिशत तो गभाना नगर पंचायत में सबसे कम 18 प्रतिशत आबादी ओबीसी की है।
विज्ञापन

अक्तूबर-नवंबर में निकायों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। प्रस्तावित निकाय चुनाव को लेकर शासन के निर्देश पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रभारी अधिकारी नगरीय निकाय/एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने बताया कि वर्ष 2017 में नगरीय निकाय चुनाव हुए थे, तब जिले में 12 निकाय क्षेत्र थे। इनमें एक नगर निगम, दो नगर पालिका एवं नौ नगर पंचायतें थीं। उस समय कुल 902 ग्राम पंचायतों में से शहर की सीमा से सटीं 19 ग्राम पंचायतों को नगर निगम सीमा में शामिल कर लिया गया था। ऐसे में इन पंचायतों में प्रधानी खत्म हो गई थी। वर्तमान में जिले की 16 ग्राम पंचायतों को भी नगरीय निकाय घोषित कर दिया गया है। इनसे सात नई नगर पंचायत बनाई गई हैं। इस तरह जिले में नगरीय निकायों की संख्या 19 हो गई है। इनमें 16 नगर पंचायत, दो नगर पालिका और एक नगर निगम शामिल हैं। ग्राम पंचायतों की संख्या 867 रह गई है।
उन्होंने बताया कि नवसृजित नगर पंचायतों में परिसीमन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। नगर पंचायत गभाना व मडराक में 15-15 वार्ड बने हैं। जवां व बरौली में 14-14, टप्पल में 13, पिसावा में 12 व नगर पंचायत चंडौस में सबसे कम 11 वार्ड बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर नवसृजित नगर पंचायतों में पिछड़ा वर्ग का रैपिड सर्वे पूरा कर लिया गया है। अब इसकी रिपोर्ट शासन स्तर पर भेज दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर निकायों में रैपिड सर्वे के बाद की पिछड़ा वर्ग की स्थिति
निकाय कुल जनसंख्या ओबीसी परिवार ओबीसी की आबादी प्रतिशत
बरौली 17787 1229 7240 40.70
गभाना 20188 677 3671 18.18
जवां सिकंदरपुर 19942 1155 6225 31.21
पिसावा 14383 1427 6554 45.56
मडराक 22322 1321 6853 30.70
चंडौस 12160 585 3221 27.50
टप्पल 17423 1204 6572 37.72
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें