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रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट: 20 मिनट में होगी मलेरिया की पहचान, छह साल में घटे मलेरिया के मामले

Tue, 20 Oct 2026 02:18 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी और आशा कार्यकर्ताओं के पास आरडीटी किट है, जिससे मलेरिया की जांच हो रही है। जनवरी 2026 से 19 अक्तूबर 2026 तक तीन लाख 61 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है।
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मलेरिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मलेरिया की पहचान में देरी मरीजों के इलाज में बाधा नहीं बनेगी। अब जांच रिपोर्ट महज 20 मिनट में मिलेगी। जांच में तेजी लाने और बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश के मॉडल को 25 राज्यों ने सराहा है। नई गाइडलाइन के तहत 70 फीसदी जांच रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) किट से होगा।

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अभी अलीगढ़ में करीब 60 फीसदी जांच इसी तकनीक से हो रही, जबकि स्लाइड बनाकर माइक्रोस्कोपी से रक्त की जांच की जाती है। जिला मलेरिया अधिकारी विनीता मिश्रा ने बताया कि सितंबर में दिल्ली में वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर हुई बैठक में उत्तर प्रदेश के नियंत्रण मॉडल की सराहना की गई। अंडमान-निकोबार और झारखंड ने यहां की कार्यप्रणाली समझने के लिए यूपी की टीम को आमंत्रित किया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण अभियान साल में तीन बार चलाया जाता है। इसमें 16 विभाग मिलकर साफ-सफाई, जनजागरूकता, मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण और संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए काम करते हैं। मलेरिया की रोकथाम के लिए कीटनाशक छिड़काव, लार्वा रोधी दवाओं, फॉगिंग और घर-घर जागरूकता अभियान पर जोर दिया जाता है।
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छह साल में मलेरिया के मामले घटे
जिला मलेरिया अधिकारी विनीता मिश्रा ने कहा कि जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी और आशा कार्यकर्ताओं के पास आरडीटी किट है, जिससे मलेरिया की जांच हो रही है। जनवरी 2026 से 19 अक्तूबर 2026 तक तीन लाख 61 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है। वर्ष 2021 में मलेरिया के 191 मरीज मिले थे। वर्ष 2022 में यह संख्या घटकर 38 रह गई। वर्ष 2023 में 48, 2024 में 28, 2025 में 29 और वर्ष 2026 में अब तक 16 मरीज सामने आए हैं।

जिले में मलेरिया नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चला रहा है। वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जांच, उपचार और रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. आरएन सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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