पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों पर आरोप लगने का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को बहुजन समाज पार्टी जिलाध्यक्ष रतन दीप सिंह के आवास स्थित कार्यालय में घुसकर कुछ लोगों ने जमकर तोड़फोड़ करते हुए हंगामा किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष के भाई आदि परिजनों से लूटपाट व मारपीट कर घायल करने का भी आरोप लगा है। हमलावर पंचायत चुनाव में अपनी पसंद के उम्मीदवार को खड़ा करने की बात कह रहे थे। इस संबंध में जिलाध्यक्ष ने तहरीर दे दी है। देर रात पुलिस ने तहरीर मिलने की बात स्वीकारी है।
बसपा जिलाध्यक्ष रतन दीप सिंह मूल रूप से देहली गेट के नया फाटक मोहल्ले में रहते हैं। उनका एक आवास बन्ना देवी खैर रोड पर भी है। उन्होंने निचले हिस्से में अस्थायी कार्यालय बना रखा है। बुधवार को बहुजन समाज पार्टी के पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली खैर रोड स्थित बसपा जिलाध्यक्ष के आवास पर आए हुए थे। रतन दीप सिंह ने बताया कि दोपहर 12 बजे के आसपास वह पूर्व सांसद को बतौर शिष्टाचार जनपद की सीमा तक छोड़ने के लिए गए थे।
इस दौरान उनके घर पर कुछ असामाजिक किस्म के लोग आए और तोड़फोड़ करने लगे। वहां मौजूद उनके भाई कमलजीत सिंह ने जब विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई 36 हजार रुपए और गले में पहनी हुई सोने की चेन लूट ली गई। इस दौरान पिस्टल भी हवा में लहराई गईं। हमलावर अपनी पसंद के लोगों को पार्टी के अंदर लाने के लिए दबाव बना रहे थे। वे चाहते थे कि पंचायत के चुनाव में उनके लोग खड़े हो। थाना पुलिस के अनुसार प्रकरण में तहरीर मिल गई है।
देर रात समाचार लिखे जाने तक पुलिस जांच कर रही थी। रतनदीप सिंह की ओर से दी गई तहरीर में बसपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष संदीप पाटिल, इगलास के पूर्व प्रत्याशी अभय कुमार बंटी, पूर्व बरौली विधानसभा अध्यक्ष राजकुमार गौतम, विशेष कुमार शर्मा, अनिल, अमित, कपिल आदि को नामजद व अज्ञात को आरोपी बनाया गया है।
अपराधी है एक आरोपी, पार्टी से निकाले गए
बसपा जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह ने कहा कि इन हमलावरों में से एक संदीप पाटिल पुराना अपराधी है। उस पर मुकदमे दर्ज हैं। इस घटना को लेकर पार्टी हाईकमान ने संदीप पाटिल, अभय बंटी व राजकुमार गौतम को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। रहा सवाल उनके आरोपों का तो वे जो भी आरोप लगा रहे हैं, वे निराधार हैं। वे साबित कर दें तो माना जाए। गलत लोगों को पार्टी में पद व प्रत्याशी बनाने के दबाव के तहत इस घटना को अंजाम दिया गया है। विशेष कुमार नाम के व्यक्ति को टिकट देने का भी दबाव बनाया जा रहा था।
अभय ने दी तहरीर, रुपये लेने का आरोप
इस मामले में अभय कुमार बंटी ने सासनी गेट थाने में तहरीर दी है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने अपने जिला पंचायत वार्ड क्षेत्र से टिकट के लिए पार्टी नेताओं को पांच लाख रुपये दिए हैं। आज वे फार्म लेने गए थे तो उनसे फार्म के 5 हजार व दो लाख रुपये अलग से मांगे गए।
न देने पर खुद जिलाध्यक्ष ने अपने लोगों से हंगामा व उत्पात कराकर हम पर आरोप लगा दिया है। हमने भी तहरीर दी है। इस घटना से हमारा कोई नाता नहीं है। इसी तरह संदीप पाटिल ने कहा है कि जिन लोगों ने रुपये दिए हैं। वे टिकट न मिलने पर रुपये मांगने गए थे। हमारा झगड़े से कोई लेना देना नहीं है।