रामघाट रोड पर कांवड़ लेकर जाते कांवड़िया।
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महाशिवरात्रि पर महादेव का जलाभिषेक करने के लिए गंगाजल लाने के लिए कांवड़ियों का गंगा घाट जाना शुरू हो गया है। रामघाट रोड पर बोल बम के जयकारे सुनाई देने लगे हैं। कांवड़ियों की सेवा के लिए श्रद्धालुओं ने जगह-जगह शिविर लगाए हैं। जहां खाने पीने से लेकर दवा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था की गई है। हालांकि कांवड़ियों को यात्रा के दौरान सड़कों के गड्ढे और अंधेरा परेशान कर रहा है।
सारसौल चौराहे के अलावा नादा पुल से खैर रोड पर सड़क के उखड़ जाने से कांवड़ियों के पैर जख्मी हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से बदहाल सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में रोष है। गंगा घाट से कांवड़ लेकर आने वाले कांवड़ियों की संख्या में शहर के रामघाट रोड पर इजाफा होने लगा है। बुधवार को दिन में सैकड़ों की संख्या में कांवड़िये बम भोले के जयकारे लगाते हुए निकले।
देर शाम के बाद इनकी संख्या में और इजाफा होने लगा। इनमें अधिकतर राजस्थान, मध्य प्रदेश, आगरा एवं मथुरा जिले के रहने वाले थे। शाम को मथुरा और वृंदावन जाने वाले कांवड़ियों की संख्या बढ़ गई। कांवड़ियों के विश्राम के लिए श्रद्धालु जगह-जगह पांडाल लगवा रहे हैं।
शुक्रवार रात 12 बजे से शिवालयों में कांवड़िया जल चढ़ाना प्रारंभ कर देंगे। राजघाट, रामघाट, नरौरा घाट से कांवड़िया गंगा जल लेकर अपने गंतव्य को पहुंच रहे हैं। शहर के अचलेश्वर, खेरेश्वर धाम एवं मंगलेश्वर मंदिर में अधिक भीड़ के चलते बैरीकेडिंग एवं सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था की जा रही है।