रामघाट रोड पर तालानगरी स्थित संत फिदेलिस स्कूल के पास मैदान पर मंगलवार से शुरू हुए नारायण साकार हरि के मंगल मिलन सद्भावना समागम में हजारों अनुयायी पहुंचे, लेकिन पुलिस प्रशासन की बदइंतजामी के कारण शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। रामघाट रोड समेत शहर के प्रमुख मार्ग दिनभर जाम से जूझते रहे। कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। दोपहर में हालात और बिगड़ गए, जब स्कूलों की छुट्टी हुई। स्कूली वाहन घंटों जाम में फंसे रहे, जिससे गर्मी व भूख से बच्चे बिलबिला उठे। इसके अलावा, कई एंबुलेंस भी फंसी रहीं। बदइंतजामी का आलम यह था चौराहों पर पुलिस-यातायात कर्मी तक नजर नहीं आए। इस पर साकार हरि के स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाल लिया और जाम खुलवाने के लिए जूझते रहे। इधर, जाम में फंसे वाहन चालकों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई प्रांतों से सैकड़ों वाहनों से पहुंचे अनुयायी
नारायण साकार हरि के समागम में आसपास के जिलों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई प्रांतों से सैकड़ों वाहनों से अनुयायी पहुंचे। समागम में आए वाहनों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि हाईवे पर बौनेर मोड़ से लेकर धनीपुर मंडी, एटा चुंगी से क्वार्सी चौराहा, दुबे का पड़ाव से रामघाट रोड और तालानगरी, हरदुआगंज तक सड़क पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं। अनुयायी बसों, मिनी बसों, टेंपो, ई- रिक्शा, छोटा हाथी, जीप, ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि वाहनों से आए थे।
गली-मोहल्लों में भी जाम के हालात रहे
पहले सुबह वाहनों का कार्यक्रम स्थल की ओर रुख शुरू हुआ तो शहर के रामघाट रोड, मीनाक्षी पुल, दुबे का पड़ाव, अचल ताल, नौरंगाबाद पुल, एटा चुंगी, आगरा रोड, सासनीगेट चौराहा, रसलगंज, क्वार्सी चौराहा समेत विभिन्न मार्गों पर जाम लग गया। यहां पर सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग र्गइं। कुछ ऑटो व ई-रिक्शा वाहनों ने गली मोहल्लों का रुख कर लिया, जिससे इन गलियों में आवागमन बाधित हो गया। सुबह छह बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे थे।
स्कूलों की छुट्टी हुई तो और बिगड़े हालात
कार्यक्रम स्थल के पास के स्कूलों की जब छुट्टी हुई तो स्कूली वाहन भी जाम में फंस गए। बच्चे कड़ी धूप में भूख-प्यास से तड़पते रहे। अभिभावकों को भी परेशानी उठानी पड़ी। स्थिति ऐसी थी कि सड़क पर पैदल चलना मुश्किल हो रहा था। फुटपाथ पर इतनी जगह नहीं थी कि दोपहिया वाहन चालक भी निकल सकें। जाम में फंसी रोडवेज बसों से उतरकर यात्रियों ने पैदल ही रास्ता तय किया। यातायात व्यवस्था बिगड़ती देखकर स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाला और जाम खुलवाने में पुलिस की मदद की। सेवादार सड़क पर किसी को रुकने नहीं दे रहे थे। सभी से निरंतर चलते रहने की अपील कर रहे थे। सत्संग के समाप्त होने के बाद शहर से बाहर लौटने वाले वाहन रोक दिए गए और उन्हें एक-एक कर निकाला गया।
दो लाख अनुयाइयों की थी अनुमति, चौराहे पर 20 पुलिस वाले भी नहीं दिखे
आयोजकों ने समागम में करीब दो लाख अनुयाइयों के आने की उम्मीद जताते हुए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी। पुलिस-प्रशासन ने अनुमति तो दे दी, मगर समागम में अनुयाइयों की भीड़ और वाहनों की संख्या का आकलन नहीं किया। इसको लेकर खास व्यवस्था नहीं की गई थी। न कहीं भारी वाहनों को रोकने और न उनकी पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न तो शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी तैनात थे और न ही कार्यक्रम स्थल के आसपास फोर्स तैनात थी। इसके चलते यातायात व्यवस्था गड़बड़ा गई और जाम गया। इससे हजारों लोग परेशान रहे।
स्थानीय लोगों ने भी झेली परेशानी
तालानगरी के मैदान में आयोजित समागम में हजारों अनुयाइयों के पहुंचने से लगे जाम आदि अव्यवस्थाओं के कारण स्थानीय निवासियों को परेशानी उठानी पड़ी। प्रशासन की ओर से यहां पर साफ-सफाई आदि की कोई व्यवस्था नहीं गई थी। इसके चलते कॉलोनियों के बाहर गंदगी फैल गई।
स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्था
पीएसी से लेकर तालानगरी पुलिस चौकी तक महिला एवं पुरुष स्वयंसेवकों ने जगह-जगह यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के साथ ही ठंडा पानी पिलाने आदि व्यवस्थाएं संभाल रखी थीं।