राजवीर सिंह कहते हैं कि हाल ही में मैंने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला का साक्षात्कार देखा, जिसमें वह कह रहे हैं कि राम सभी के आराध्य हैं। यह सुनकर मुझे बेहद अच्छा लगा और यह कहने में संकोच नहीं कि जब गैर हिंदू नेता और सभी मान रहे हैं कि भगवान सबके आराध्य हैं तो इस मुद्दे पर अब राजनीति नहीं होनी चाहिए।
जीवनपर्यंत बाबू जी के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प
राजवीर सिंह कहते हैं कि मैं इकलौता पुत्र होने के नाते सदैव बाबू जी के साथ रहा। उन्हीं से मैंने राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक ऊंच-नीच सीखा है। मेरा एक मात्र संकल्प है कि मैं जीवनपर्यंत बाबू जी के बताए रास्ते पर चलूं। आज जीवन में जो खुशी भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर मिल रही है। उससे बड़ी खुशी कभी नहीं मिल सकती। अगर बाबू जी होते तो यह खुशी दोगुना होती। मेरी अपील है कि इस दिन को देश दीपावली की तरह मनाए।
कल्याण सिंह का राजनीतिक सफर नामा
- 1967, 69 व 74 में तीन बार विधायक।
- 1975 से 77 तक आपातकाल में मीसा बंदी।
- 1977 में चौथी बार विधायक, स्वास्थ्य मंत्री।
- 1985 में पांचवीं बार विधायक व प्रदेश अध्यक्ष।
- 1989 में छठवीं बार विधायक व नेता विधायक दल।
- 1991 में सातवीं बार विधायक, मुख्यमंत्री बने।
- 1993 में आठवीं बार विधायक, नेता विधायक दल।
- 1996 में नवमीं बार विधायक, मुख्यमंत्री-भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष।
- 2000-01 में राक्रांपा अध्यक्ष बने।
- 2004 में बुलंदशहर से भाजपा से सांसद।
- 2009 में एटा से निर्दल सांसद निर्वाचित।
- 2014 में राजस्थान के राज्यपाल बनाए गए।