अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त को प्रस्तावित भूमि पूजन से विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नगर अध्यक्ष एवं कारसेवा समिति के ब्रज प्रांत के संयोजक रहे रामाराम मित्र की खुशी का ठिकाना नहीं है। 78 वर्षीय राजाराम मित्र को लग रहा है कि उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना पूरा होने जा रहा है।
राममंदिर आंदोलन के दौरान राजाराम मित्र को तीन बार जेल जाना पड़ा था। राम मंदिर आंदोलन के दौर में राजा राम मित्र विहिप के नगर अध्यक्ष थे। खुद अशोक सिंघल ने आर्य समाज मंदिर में राजाराम मित्र को कारसेवा समिति का ब्रज प्रांत का संयोजक घोषित किया था। 1990 में मैनपुरी जेल के अंदर प्रतीकात्मक ढाचा बनाकर उसका विध्वंस करते हुए घायल हुए। वह कहते हैं कि अलीगढ़ में राम ज्योति प्रवेश रोकने के लिए सभी सीमाएं सील कर दी गई थी। रात्रि में दो बजे अंबेसडर कार से अशोक सिंघल की बहन उषा सिंघल श्रीराम ज्योति लेकर सीधे उनके घर पहुंची और यहीं से जनजागरण के लिए श्रीराम ज्योति घर-घर पहुंचाई गई।
राजा राम मित्र कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वजह से यह खुशी मिली है। राम मंदिर आंदोलन में उस समय के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता। वर्तमान समय में संस्कार भारती के प्रांतीय संरक्षक राजा राम मित्र कहते हैं कि 5 अगस्त को घर-घर दीपक जलेगा। भगवा पताका लहराएं जाएंगे। दीपावली की तरह लोग खुशियां मनाएंगे। जयश्रीराम का जयघोष करेंगे।