अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विकास के लिए पूर्व छात्रों ने दिल खोलकर दान दिया। अमेरिका में रह रही पूर्व छात्रा डॉ. अफशां हाशमी द्वारा एएमयू को दान में दिए गए हार की दोबारा नीलामी की गई। मुंबई से आए पूर्व छात्र रईस अहमद ने इसकी अधिकतम 11 लाख की बोली लगाई। बाद में उन्होंने हार विश्वविद्यालय को दान में दे दिया। उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले डॉ. अफशां के हार की ऑनलाइन नीलामी हुई थी, जिसमें छह लाख की अधिकतम बोली लगी थी। आज की बोली साढ़े छह लाख से शुरू हुई।
वहीं पूर्व छात्रों ने एएमयू के विकास एवं जामा मस्जिद के निर्माण के लिए दिल खोलकर दान देने की घोषणा की। एएमयू ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन जद्दा (सऊदी अरब) की तरफ से एसएम अमीन ने 5 लाख 17 हजार 620 रुपये का चेक भेंट किया। प्रोफेसर आबिदा समीउद्दीन की स्मृति में उनकी पुत्री लमन समी ने एक लाख रुपया, कृषि संकाय के डीन की तरफ से अपनी मां और पिता के नाम पर दो लाख रुपये, नौशाद अंसारी ने एक लाख रुपये, लखनऊ के सनाउर्रहमान ने दो लाख रुपये, केमिस्ट्री डिपार्टमेंट की डॉ. अनामिका गुप्ता ने दो लाख रुपये, राजनीति शास्त्र के डॉ. मुहम्मद आफाक ने एक लाख रुपये, लखनऊ की डॉ. रुखसाना निकहत ने एक लाख रुपये, केमिस्ट्री विभाग की प्रोफेसर फारूख अरजुमंद ने एक माह का वेतन, दुबई में काम कर रहे एक पूर्व छात्र ने पूरे एक महीने का वेतन दान में दिया। आगरा में सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता मसर्रत नूर खान ने एक लाख रुपये दान में देने की घोषणा की। विश्वविद्यालय के कई शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी अपने एक दिन का वेतन दान में दिया। अमरीका में रह रहे डॉ. मुहम्मद फारूक ने एक लाख और डॉ. अब्दुल वासे ने पंद्रह हजार यूएस डॉलर देने की घोषणा की। दिल्ली की अजरा सुल्ताना ने सोने की अंगूठी भेंट की। कर्नल कमाल अहमद सिद्दीकी और सहायक सूचना निदेशक जहांगीर अहमद ने 25-25 हजार रुपये दान में दिए।
अलुमनई मीट में उपस्थित छात्र व छात्राओं ने भी दिल खोल कर मदद करने की घोषणा की। एमएससी की छात्रा कुलसुम सलाहउद्दीन ने दस हजार, नूर आलम ने दस हजार, अब्दुल कादिर जीलानी ने दस हजार, जिया उर रहमान ने एक हजार, जुल्फी सेठ ने 25 हजार रुपये की घोषणा की। अमरीका में पूर्व छात्रों के महासंघ ने पांच लाख रुपये दिए।