पिछले पांच दिन से भारी बारिश के कारण हो रहे जलभराव से शहर के निचले इलाकों में बसे लोगों का बुरा हालात है। जल भराव वाले इलाकों में रहने वालों के सामने रोजी - रोटी का संकट पैदा हो गया है। पीने का पानी और बच्चों को दूध तक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इन इलाकों में रहने वाले एक ही बात कह रहे हैं कि ऊपर वाले की बहुत मेहरबानी हो गई अब तो बारिश बंद होने पर ही राहत मिल सकेगी।
हाल ए शाहजमाल
शाहजमाल इलाके पर गौर करें तो रास्तों पर इतना पानी है कि बाइक पूरी डूब जा रही है। राह चलते कंधों तक पानी आ रहा है। घरों में बेड तक पानी है। लोगों को घरों में मचान बनाकर रहना पड़ रहा है, जो झुग्गियों में रहते हैं, वे दूसरी जगहों या फिर शरणार्थी शिविर में शिफ्ट हो गए हैं। बच्चों को चार दिन से दूध नसीब नहीं हो रहा है । नलों से गंदा पानी आ रहा है, उसी को छानकर या उबालकर पीने को लोग मजबूर हो रहे हैं। इलाके के अनीस भाई, अली हसन, बिलाल, सोएब, गुड्डू आदि का कहना है कि अब यहां रहना मुश्किल हो रहा है। कोई देखने या सुनने नहीं आया। इसी तरह जेहरा, जेनुद्दीन, लतीफ, असलम ने बताया कि शाजमाल कब्रिस्तान में कब्रें तक खुल गई हैं। घरों में जो दाल, आटा आदि सामान है, उसी से खाने का इंतजाम चल रहा है।
गोविंद नगर में भी संकट
जल भराव होने पर कभी नाव चलने के लिए मशहूर रहा गोविंद नगर इलाका भी इस संकट से अछूता नहीं है। यहां दीपावली की तैयारियों में जुटे और चाक पर मिट्टी के दिए आदि सामान बना रहे उदयराम गोला व उनके परिवार का बुरा हाल है। उन्होंने अब तक जो तैयारी की थी, उस पर पानी फिर गया है। घर में खाने तक का इंतजाम नाकाफी हैं। दो - चार दिन ये हालात रहे तो रहना मुश्किल होगा । यही समस्या इलाके के कैलाश व प्रमोद बताते हैं। वह कहते हैं कि यहां अधिकारी देखने आते हैं। मगर जलभराव न हो, इस बारे में ठोस कदम नहीं उठाया जाता। अब तो बाईपास का नाला ओवरफ्लो होने लगा है। जिससे आने वाले समय में महामारी फैलने का अंदेशा है।
भुजपुरा में भी बेहाल
भुजपुरा में पांच दिन से काम धंधा पूरी तरह से चौपट है। इलाके के पप्पन बाबू, मुश्ताक अली, तबस्सुम कहते हैं कि न तो खाने पीने का इंतजाम हो पा रहा है और न काम पर जा पा रहे है । अब मजबूरन हमें सिर्फ घर में बैठकर बचे हुए राशन के सहारे काम चलाना पड़ रहा है। भविष्य में यहां संक्रामक बीमारी फैैलने की आशंका है।
पांच दिन से घर में कैद बीमार परिवार
नौरंगाबाद से सटी अंबेडकर कॉलोनी के एक परिवार के सात सदस्य पांच दिन से घर में कैद हैं। दो सदस्य डेंगू पीड़ित थे और जिस दिन से अस्पताल से छुट्टी होकर घर आए, उसी दिन से घर में कैद हैं। घर में बारिश का पानी भरा होने के कारण रसोई में खाना भी नहीं बन पा रहा। इस बारे में इसी परिवार के राहुल भारती ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला है, जिसमें कहा है कि घर में पानी भरा होने के कारण सबमर्सिबल व अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण खराब हो गए हैं। नहाने या खाना पकाने तक के पानी का इंतजाम नहीं है। वे खुद और उनकी बहन कुसुम डेंगू पीड़ित हैं। डॉक्टर ने घर पर ही आराम व इलाज की सलाह दी। मां पहले से बीमार हैं। इन दिनों काम धंधा बंद होने के कारण आर्थिक हालात भी कमजोर हैं। किसी स्तर से कोई मदद तक नहीं मिल रही।
ये भी अब बेहाल ही हैं
पॉश इलाकों में शुमार विक्रम कॉलोनी और विद्या नगर कालोनी में लोग घरों से नहीं निकल पा रहे। गलियों में पानी भरा होने के कारण दोपहिया वाहन की मदद से ही निकलना हो पा रहा है। इसी तरह स्वर्ण जयंती नगर के सेंट्रल पार्क व इस्ट व्यू अपार्टमेंट की पार्किंग में पानी भरा हुआ है। हालांकि, दोनों जगह नगर निगम की पंपिंग टीम ने दिन भर पानी निकलवाने का काम किया लेकिन निकासी न होने के कारण पानी वापस लौटकर सेंट्रल पार्क में ही आ रहा है। जिसकी वजह से देर शाम तक कोई राहत नहीं मिल सकी।
कॉलोनियों के खाली प्लॉट बने तालाब-पोखर
शहर की इन कॉलोनियों के खाली प्लाट अब तालाब-पोखर बन गए हैं। क्वार्सी बाईपास के नाले का पानी ओवरफ्लो होकर वापस स्वर्ण जयंती नगर कालोनी में आ रहा है। इसलिए यहां बारिश और नाले का पानी प्लाटों में भरना शुरू हो गया है।
रावण टीला रोड पर भरा पानी।- फोटो : CITY OFFICE
शाहजमाल ईदगाह पर जलभराव में होकर सिलेंडर लेकर जाता युवक।- फोटो : CITY OFFICE
शाहजमाल ईदगाह पर पांच दिन से भरा पानी।- फोटो : CITY OFFICE
स्वर्ण जयंती नगर स्थित सेंट्रल पार्क अपार्टमेंट में हुआ जलभराव । - फोटो : CITY OFFICE