बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को पूरे दिन-रात होती रही। बिजली की गड़गड़ाहट दिल बैठा रही है। लोगों को बचपन में पढ़ी कविता याद आ गई..अम्मा जरा देख तो ऊपर, चले आ रहे हैं बादल, गरज रहे हैं, बरस रहे हैं दीख रहा है जल ही जल। सड़कों पर तीन-तीन, चार-चार फुट तक पानी भरा है। मैदान जलमग्न हैं। पार्क ताल-तलैया बन गए हैं। निचले इलाकों की हालत टापू जैसी हो गई है। हर ओर पानी का साम्राज्य पसरा है। जल कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं। लोग घरों में कैद हो गए हैं। खबर लिखे जाने तक बारिश जारी थी। निकासी में नगर निगम की बदइंतजामी पर पानी ने अपनी मुहर लगा दी है।
लगातार बारिश से परेशान लोग अब इंद्र देव से रहम की गुहार लगा रहे हैं। उनकी जुबां से बस इतना ही निकल रहा है कि अब तो बारिश रोको। क्या शहर, क्या देहात शहर से लेकर देहात तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के चलते लोग घरों में कैद हो गए हैं। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सितंबर में पिछले पांच साल का रिकार्ड टूट गया है, जबकि बृहस्पतिवार को सर्वाधिक 44 मिमी बारिश हुई है। आकाशीय बिजली भी कड़कती रही। चार दिन में अब तक कुल 87 मिमी बारिश हो चुकी है। शहर में ऐसा कोई इलाका नहीं हैं, जहां जलभराव न हुआ हो। बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। कई कच्चे-पक्के मकान एवं दीवारें ढह गईं।
टापू सा नजर आया पूरा शहर
भले ही पूरे मानसून बादलों ने लोगों को तरसाया हो, लेकिन लगातार हो रही बरसात से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। इससे पूरा शहर टापू और ताल-तलैय्या जैसा नजर आ रहा है। जलभराव से रामघाट रोड समेत शहर के कई इलाकों में जाम भी लगा रहा। बारिश से नगर निगम की स्मार्ट सिटी और नाला सफाई अभियान की पोल खुल गई है और जलभराव के साथ कीचड़, गंदगी उफन कर सड़क पर आ गई है। इससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के तमाम निचले इलाकों में बारिश का पानी मकान और दुकानों में भी जा घुसा। इससे लोगों को पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। इससे उन्हें भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला बृहस्पतिवार की देर रात तक जारी रहा। बदहाल स्थिति पर लोग नगर निगम की व्यवस्थाओं एवं जनप्रतिनिधियों को कोस रहे हैं। शहर में कई जगह लगे पेड़ टूटकर गिर पड़े तो घंटो बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठप पड़ी रही।
शाहजमाल में हालात बेहद खराब
बारिश से सर्वाधिक हालात शाहजमाज, एडीए कॉलोनी और रोरावर इलाके में हैं। यहां जलभराव के चलते झुग्गी-झोपड़ी में जीवन-यापन करने वाले सैकड़ों लोगों को पलायन करना पड़ा है। घरों में खाना तक नहीं पक सका है। बारिश से घरेलू सामान के साथ ही खाद्यान्न भी भीग गया है। इससे उनके समक्ष दो वक्त की रोटी का जुगाड़ तक करना मुश्किल हो गया है।
शहर के पॉश इलाके भी जलमग्न
शहर के तमाम निचले इलाकों के साथ ही पॉश कॉलोनी में शुमार मैरिस रोड, सेंटर प्वाइंट, एडीए कॉलोनी, विद्यानगर कॉलोनी, किशनपुर, सौ फुटा रोड, मानसरोवर, ज्ञान सरोवर, केलानगर, दुर्गाबाड़ी, समद रोड, स्टेशन रोड, दीवानी गेट, तस्वीर महल चौराहा, कंट्रोल रूम, अमीर निशा, दोदपुर, मेडिकल रोड, सर सैय्यद नगर, जमालपुर, रामघाट रोड, पीएसी रोड, अनूपशहर रोड,मामू भांजा, अचलताल, रसलगंज, सराय रहमान, बारहद्वारी, रघुवीरपुरी, गूलर रोड, शाहजमाल, देहलीगेट, आगरा रोड, सासनीगेट, महेंद्र नगर, बैंक कॉलोनी, खिरनीगेट, छर्रा अड्डा पुल, गुरुद्वारा रोड, सुुरेंद्र नगर, रावण टीला, गोविंद नगर, कुलदीप विहार, देवी नगला, एटा चुंगी, विकास नगर, चंदनियां, विष्णुपुरी, सुदामापुरी, नगला तिकोना आदि समेत कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव हो गया है। रामघाट रोड पर जलभराव हो जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग जाने से दिन भर जाम के हालात बने रहे।
सरकारी भवनों और कार्यालयों में भी घुसा पानी
लाल डिग्गी, मलखान नगर, जज कंपाउंड, एडीएम कंपाउंड, जवाहर भवन, दीवानी, विकास भवन, एडीए परिसर समेत तमाम सरकारी भवनों और सरकारी आवासों में पानी जा घुसा। इससे अफसरों एवं कर्मचारियों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नगर निगम की कई टीमें पानी निकासी के लिए देर शाम तक जुटी रहीं।
दम तोड़ गए पंपिंग स्टेशन
शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए चालू किए गए पंपिंग स्टेशन दम तोड़ गए। भारी बारिश और पानी को निकालने में ही वे जवाब दे गए। नाले-नालियों के चोक हो जाने से जलभराव की समस्या अधिक देखने को मिली है। इससे जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल सकी। सड़कों पर पानी हिलोरे मार रहा है।
घरों में कैद रहे लोग, बाजारों में पसरा सन्नाटा
बारिश से शहर में सन्नाटा सा पसरा रहा। कोरोना काल में लॉकडाउन के बाद यह पहला मौका है जब लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। मजबूरी में ही लोग अपने घरों से बाहर निकले। इससे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बृहस्पतिवार को तो बाजारों में अधिकांश दुकानें ही नहीं खुलीं। जो खुली भी वो शाम को समय से पहले ही बंद हो गईं।
छातों और पॉलीथिन की बिक्री बढ़ी
बारिश ने बाजार में छातों और पॉलीथिन, तिरपाल आदि की बिक्री बढ़ा दी है। रेनकोट और बरसाती की भी खूब मांग देखने को मिल रही है।
डीएम-एसएसपी ने तुड़वाए नालों पर बनें अवैध निर्माण
डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसएसपी कलानिधि नैथानी ने शहर के कई स्थानों का दौरा किया। उन्हें एटा चुंगी रोड, एडीए कॉलोनी आदि समेत कई स्थानों पर नालों को पाट देने और पुलिया को बंद कर देने से जलभराव की समस्या देखने को मिली। इस पर उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट एवं सिंचाई विभाग की टीम बुलाकर जेसीबी की सहायता से अवैध बंधों/निर्माण को तुड़वा दिया। इससे काफी हद तक जलनिकासी होने में आसानी हो गई। डीएम ने कहा है कि जिले में जहां भी इस तरह की समस्या है वहां अधिकारी अवैध कब्जों को हटवाने की कार्रवाई कराएं, ताकि नागरिकों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
धान की पकी फसल को हुआा नुकसान
जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि बारिश से देहात क्षेत्र के अतरौली, हरदुआगंज, इगलास, खैर, गभाना, छर्रा, गंगीरी, अकराबाद, जवां, कासिमपुर आदि में धान की पकी खड़ी फसल को बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश के साथ चली हवा से धान, बाजरा आदि की फसलें खेतों में बिछ गई हैं। जबकि खेतों में कटे पड़े धान और प्याल के भीग जाने से भी नुकसान हुआ है।
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने वसूला मनमाना किराया
बारिश से शहर में जलभराव हो जाने से ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने के बदले दो से तीन गुना तक किराया वसूला। खासकर सारसौल चौराहे से मालगोदाम, दुबे का पड़ाव से क्वार्सी चौराहा तक जाने वाले वाहन चालकों ने जलभराव के चलते किराया 20-30 रुपया तक वसूला। जबकि इन रूट पर किराया मात्र दस रुपया है।
यहां से लें मदद
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कंट्रोल रूम नंबर - 0571-2700128
टोल फ्री नंबर - 1077
प्रभारी अधिकारी दैवी आपदा -9454417749
आपदा सहायक -7906853081
नगर निगम कंट्रोल रूम - 7500441344, 0571-2750250
टोल फ्री नंबर-1533
इतनी हुई बारिश
चार दिन में - 87 मिमी
सोमवार - 21 मिमी
मंगलवार - 13 मिमी
बुधवार - 09 मिमी
बृहस्पतिवार - 44 मिमी
पांच साल में सितंबर में हुई बारिश
वर्ष बारिश
2018 80.03 मिमी
2019 72.08 मिमी
2020 04.00 मिमी
2021 118.28 मिमी
2022 300.02 मिमी
भारी बारिश के कारण 12वीं तक के स्कूल दो दिन बंद
मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश होने की चेतावनी जारी करने पर डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जिले में कक्षा एक से 12वीं तक के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों को शुक्रवार व शनिवार को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक सुभाष गौतम एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सतेन्द्र कुमार को निर्देशित किया है कि कड़ाई से सभी विद्यालयों को बंद कराना सुनिश्चित करें। इसके अलावा, प्रशासन ने एडवाइजरी भी जारी की है।
जिलाधिकारी ने बताया कि चार दिनों से लगातार हो भारी बारिश के दृष्टिगत जगह-जगह निचले स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। जिससे बच्चों को स्कूल पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया है। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बारिश के मौसम में अतिवृष्टि के दौरान नागरिकों से सतर्क रहने की भी अपील की है। उन्होंने कहा है कि ऐसे स्थानों पर न जाएं, जहां जलभराव की स्थिति बनती है। गहरे स्थानों, नदी, नालों, नहरों, तालाब, डैम, कुएं आदि स्थानों पर जाने से बचें। दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन का सहयोग करें। पुराने, जर्जर भवन के नीचे निवास न करें। उन्होंने कहा कि बारिश और खराब मौसम के दौरान यथासंभव बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। बारिश के दौरान बिजली के खंभों में करंट उतरने की संभावना अत्यधिक रहती है, इसलिए खंभों से पर्याप्त दूरी रखें। बच्चों पर विशेष निगरानी रखें कि वे जलभराव वाले स्थान पर न जाने पाएं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एडवाइजरी जारी कर बचाव एवं सुरक्षा के उपाय बताए हैं। जिला आपदा विशेषज्ञ के अनुसार भारी वर्षा से नदी के निचले हिस्से में अचानक जल-स्तर बढ़ सकता है, ऐसी स्थिति में छोटी नदियों और नालों से दूर रहने की आवश्यकता है। हमें नदियों के किनारे या धान के खेतों के नजदीक वाहन चलाने से बचना चाहिए। धान के खेतों में पानी भर जाने पर यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि सड़क और पानी के बीच की सीमा कहां है।
अनूपशहर रोड पर जलभराव।- फोटो : CITY OFFICE