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सीएए विरोध: दिल्ली हावड़ा रेलवे ट्रैक जाम करने का अंदेशा, सतर्कता बढ़ी

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रेलवे ट्रैक के आसपास के घरों में नोटिस चस्पा करते आरपीएफ के जवान। - फोटो : CITY OFFICE
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आशीष निगम
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सीएए और एनआरसी का विरोध किसी भी वक्त रेलवे ट्रैक पर उतर सकता है। रेलवे के खुफिया सूत्रों ने इसकी संभावना जताकर महकमे में सनसनी फैला दी है। इससे आरपीएफ और आरपीएसएफ में खलबली मच गई है। किसी भी हाल में रेलवे ट्रैक पर बाधा नहीं होने देने की कवायद शुरू हो गई है।
अलीगढ़ में बीती नौ दिसंबर से लगातार सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन जारी हैं। शनिवार शाम को बमुश्किल 125 घंटे बाद क्वार्सी बाईपास खुलवाया जा सका। इससे पहले एएमयू, जमालपुर, दोदपुर, शाहजमाल ईदगाह, ऊपरकोट पर धरना प्रदर्शन हुआ। बीती 23 फरवरी को ऊपरकोट और बाबरी मंडी में उपद्रव भी हुआ। इन सभी प्रदर्शनों और जेएनयू छात्र नेता शरजील इमाम के बयान को ध्यान में रखकर रेलवे के खुफिया तंत्र ने ट्रैक ठप कर धरना प्रदर्शन होने की आशंका जाहिर की है। ये ट्रैक दाउद खां से बरौला जाफराबाद से आगे मुस्लिमबस्तियों के पास से गुजरता है। यहीं पर धरना प्रदर्शन कर वीआईपी ट्रेनों को रोकने का अंदेशा है।
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खुफिया इनपुट के बाद हरकत में आए आरपीएफ ने ट्रैक के कि नारे रहने वाले लोगों के घरों पर नोटिस चस्पा कर चेतावनी देनी शुरू कर दी है। जिसमें ट्रैक पर किसी प्रकार का अतिक्रमण, गंदगी, पशुओं को खड़ा कर बाधा करने पर कानूनी कार्रवाई का अल्टीमेटम शामिल है। ये भी लिखा है कि अगर कोई भी व्यक्ति गलत गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की धाराओं सहित रासुका के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शनिवार शाम से रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने इस अभियान की शुरूआत कर दी है। रविवार को भी कवायद जारी रही। अब तक बरौला जाफराबाद रेलवे पुल से लेकर दाऊद खां तक सैकड़ों घरों पर नोटिस चस्पा किए जा चुके हैं।
मुखबिर सक्रिय, खबर रहेगी गोपनीय
अलीगढ़। रेलवे सुरक्षा बल की ओर से घरों पर चस्पा किए जा रहे नोटिसों में आरपीएफ अलीगढ़ इंस्पेक्टर के दो नंबर भी दिए गए हैं। इसमें कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की गलत गतिविधि की सूचना दे सकता है। ऐसी साजिश करने वालों का खुलासा कोई भी व्यक्ति कर सकता है। नोटिस पर साफ तौर पर लिखा है कि सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। आरपीएफ ने मुस्लिम इलाकों में अपनेे मुखबिरों को भी सक्रिय कर दिया है।
अलीगढ़ आरपीएफ पोस्ट कमांडर चमन सिंह तोमर ने बताया कि रेल पटरी से लोगों को दूर रखने के लिए उन्हें बतौर चेतावनी जागरूकता अभियान चलाकर घरों पर नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। रही बात सीएए और एनआरसी के प्रदर्शनकारियों की तो अलीगढ़ में जब से बवाल हुआ है, यहां आरपीएसएफ के जवानों को तैनात किया गया है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन से भी लगातार संपर्क में हैं।
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शरजील का बयान बना टेंशन
रेलवे की ओर से यह कवायद यूं ही नहीं की जा रही है। इसके पीछे पिछले दिनों जेएनयू के छात्र शरजील इमाम का बयान एक बड़ी वजह है। शरजील ने एएमयू में कहा था कि रेल और अन्य परिवहन संसाधन रोककर असम को देश से अलग कर देंगे।
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