‘प्रभु’ ने अलीगढ़ और हाथरस पर दरियादिली नहीं दिखाई है। इस बजट में अलीगढ़ को जो भी मिला है वह पिछले दरवाजे से मिला है। रेल मंत्री ने डेडीकेटिड रेल फ्रेट कॉरिडोर को 2019 तक चालू करने की घोषणा की है। उम्मीद है कि इससे दो साल में शहर को चामत्कारिक बदलाव देखने को मिलेंगे।
दाउद खां इस रेल कॉरिडोर का टर्मिनल स्टेशन है। नगर निगम की सीमा से सटा यह स्टेशन एनसीआर के बाद दूसरा लोडिंग-अनलोडिंग का हब होगा। यहां रोजाना सैकड़ों ट्रक मूवमेंट करेंगे। हजारों श्रमिक काम करेंगे। जानकारों की मानें तो कॉरिडोर करीब 10 हजार लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। यहां बाजार भी बनेगा और बस्तियां भी बसेंगी।
यह अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आने वाले वक्त में कॉरिडोर अलीगढ़ को नया उपनगर देने जा रहा है। बजट में नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टविटी पर जोर दिया गया है। ऐसे में रेल मंत्रालय दिल्ली से पूर्वोत्तर के लिए नई ट्रेन चलाएगा।
अलीगढ़ से गुजरने वाली नई ट्रेन अलीगढ़ में रुकती है तो सीधा लाभ यहां के यात्रियों को मिलेगा। नहीं भी रुकती हैं तो भी अन्य ट्रेनों पर सीट का दबाव कम होगा। पूर्वोत्तर जाने वाले अलीगढ़ वासियों के लिए सीट की संभावना बढ़ेगी।