अलीगढ़ में विजयगढ़ थाना क्षेत्र के गांव नगला बरी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक ऐसे अवैध कारखाने का पर्दाफाश किया है, जहां आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करते हुए सेलखड़ी मिल्क पाउडर और वनस्पति घी मिलाकर बड़े पैमाने पर नकली खोवा (मावा) तैयार किया जा रहा था। अलीगढ़ के इतिहास में पहली बार सेलखड़ी मिलाकर खोवा बनाने का यह हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) दीपक सिंह के निर्देशन और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय तथा सीओ संजीव कुमार के नेतृत्व में क्षेत्रीय पुलिस के साथ मिलकर यह बड़ी कार्रवाई की गई। टीम ने सोमवार देर रात करीब 11 बजे गांव नगला बरी निवासी अर्जुन यादव (पुत्र नत्थू यादव) के घर पर संचालित इस अवैध खोया निर्माण इकाई पर औचक छापा मारा, जो मंगलवार तड़के 3 बजे तक जारी रहा।
छापेमारी के दौरान टीम ने देखा कि मकान के एक कमरे के फर्श पर बेहद अस्वच्छ और गंदे माहौल में भारी मात्रा में खोवा फैला हुआ था। जब अधिकारियों ने कमरे की गहन तलाशी ली, तो उनके होश उड़ गए। कमरे में रखे एक पलंग (बेड) के अंदर से मिलावटी खोवे और कच्चे माल के पैकेट छिपाकर रखे मिले। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी अर्जुन सिंह यादव और किशन पाल पिछले कई वर्षों से इस अवैध और खतरनाक कारोबार को धड़ल्ले से चला रहे थे।
कार्रवाई के दौरान मौके से 220 किलोग्राम अज्ञात हल्का मीठा भूरा दानेदार पदार्थ, 50 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर, 80 किलोग्राम सेलखड़ी पाउडर और खोया बनाने में इस्तेमाल होने वाले वनस्पति घी के 6 खाली टीन बरामद किए गए। टीम ने मौके पर मौजूद 17.5 कुंतल अस्वच्छ और सेहत के लिए बेहद हानिकारक मिलावटी खोवे को पूरी तरह नष्ट करवा दिया। इसके साथ ही, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुणवत्ता की पुष्टि के लिए कुल 11 नमूने भरकर जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
पुलिस ने मौके से किशन पाल को हिरासत में ले लिया और मुख्य खाद्य कारोबारी अर्जुन सिंह यादव अभी फरार है। एफडीए की तरफ से दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इस संयुक्त कार्रवाई को सफल बनाने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी त्रिभुवन नारायण, महेन्द्र सिंह, अंशुल पाण्डेय, सुनील शर्मा, अनुज कुमार और आशीष कुमार गंगवार भी प्रमुख रूप से शामिल रहे।