शादी के नाम पर 16 वर्षीय किशोरी के यौन शोषण (दुष्कर्म) के दोषी को सजा सुनाई गई है। मिशन शक्ति अभियान के तहत यह फैसला एडीजे विशेष पॉक्सो सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत से सुनाया गया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी संजय शर्मा व लव बंसल के अनुसार, मुकदमा सितंबर 2016 में एसपी देहात के आदेश पर दर्ज किया गया था। किशोरी ने बताया कि गांव के युवक ने उसे स्कूल आते-जाते बातों में फंसाकर शारीरिक संबंध बनाए और शादी का बहाना बनाता रहा। इस बीच उसके पिता ने उसकी देहली गेट इलाके में शादी कर दी तो युवक वहां भी पहुंच गया और किशोरी को अपनी पत्नी बताकर विवाद खड़ा कर दिया। इस पर ससुरालियों ने किशोरी को तलाक देकर मायके भेज दिया। इसके बाद आरोपी फिर संबंध बनाने लगा। 12 सितंबर को वह जब उसके घर शादी की बात करने पहुंची तो पीटकर कर भगा दिया। इस मुकदमे में आरोपी नगला मंदिर के अमित के अलावा उसकी दो भाभी नामजद की गईं। पुलिस विवेचना में अमित के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। न्यायालय में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर अमित को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा व 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ ही, जुर्माना राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।
कासगंज के सिढ़पुरा इंस्पेक्टर
को गिरफ्तार कोर्ट में पेश करें
हरदुआगंज के हत्या मुकदमे में गवाही न देने आने पर कोर्ट का आदेश
हरदुआगंज के वर्ष 2013 के मुकदमे में गवाही न देने आने पर एडीजे-12 सिद्धार्थ सिंह की अदालत ने इंस्पेक्टर के खिलाफ गिरफ्तारी आदेश जारी किया है। इस संबंध में एसपी कासगंज को पत्र भेजकर कहा है कि कासगंज के सिढ़पुरा में तैनात इंस्पेक्टर विनोद कुमार इस मुकदमे के विवेचक रहे हैं। मुकदमे में उन्हें गवाही के लिए लगातार पिछली दो तारीखों पर सूचना पहुंची है। बावजूद इसके वह गवाही के लिए नहीं आ रहे। एडीजीसी प्रमेंद्र कुमार जैन के अनुसार न्यायालय ने इंस्पेक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए एसपी को पत्र में निर्देशित किया है कि इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कराकर 21 सितंबर को न्यायालय में पेश किया जाए। बता दें कि विनोद कुमार बतौर थाना प्रभारी हरदुआगंज इस मुकदमे के विवेचक रहे हैं। ब्यूरो
अनुसूचित जाति की किशोरी से छेड़खानी के दोषी को सजा
अलीगढ़। पालीमुकीमपुर क्षेत्र में वर्ष 2019 में अनुसूचित किशोरी से छेड़खानी के दोषी को सजा सुनाई गई है। मिशन शक्ति अभियान के तहत यह फैसला एडीजे विशेष पॉक्सो द्वितीय नूपुर की अदालत से सुनाया गया है। अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी रघुवंश शर्मा के अनुसार, घटना 9 जुलाई 2019 की है। वादी मुकदमा किशोरी के पिता ने मुकदमे में आरोप लगाया कि उनकी 13 वर्षीय बेटी घूरे पर गोबर डालकर आ रही थी। तभी नामजद ने उसे बुरी नीयत से खींच लिया और हरकत की। इस दौरान उसके कपड़े तक फट गए। शोरशराबे पर बड़ी बहन के पहुंचने पर आरोपी धमकाते हुए भाग गया। मुकदमे में चार्जशीट के आधार पर सत्र परीक्षण शुरू हुआ। जिसमें साक्ष्यों व गवाही के आधार पर नामजद शेखर उर्फ राजा को दोषी करार देकर 5 वर्ष कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में जुर्माने के 10 हजार रुपये पीड़ित को भुगतान करने के आदेश दिए हैं।-ब्यूरो