जिले एथलेटिक्स के 10 साल के इतिहास पर नजर डालें तो बेटियां बेटों से बेहतर एथलीट साबित हो रही हैं। एथलेटिक्स में प्रतिभाग की बात हो या मेडल की। अलीगढ़ के बेटों से अधिक बेटियाें ने नाम कमाया है। इन 10 साल में पालेंद्र, नीरज, कल्पना चौधरी, हैदर सहित कई खिलाड़ी बड़े नाम बनकर उभरे।
खेल विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2006 से 09 के बीच सूखा रहा। इन तीन साल में अलीगढ़ को कोई मेडल नहीं मिला। 2010 में कुमारी रेखा ने नेशनल इंटर जिला एथलेटिक्स मीट हरिद्वार में 100 मीटर में सिल्वर मेडल जीता।
2010-11 में इलाहाबाद में ओपन स्टेट एथलेटिक्स मीट हुई। इसमें बेटों ने तो निराश किया, लेकिन ममता चौधरी ने 400 मीटर में कांस्य और रेखा ने लंबी कूद में सिल्वर मेडल जीता। 2011-12 में ओपन स्टेट महिला एथलेटिक्स प्रतियोगिता मुजफ्फरनगर में आरती कुशवाहा ने लंबी कूद में गोल्ड, रेनू चौधरी ने कांस्य पदक जीता।
मानसी ने माध्यमिक शिक्षा एथलेटिक्स मीट में 200 व 400 मीटर में गोल्ड और लंबी कूद में कांस्य पदक जीता। वहीं यूपी एथलेटिक्स मीट इलाहाबाद में अजीत कुमार ने 200 मीटर स्टीपल चेज में सिल्वर और धीरज ने 800 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीता। खेल सत्र 2012-13 में यूपी एथलेटिक्स मीट आगरा में गौरव कुमार ने लंबी कूद में तृतीय , अजीत कुमार ने 1500 मीटर में सिल्वर, दीक्षा चौधरी ने 3000 मीटर पैदल चाल में सिल्वर जीता। यूपी एथलेटिक्स मीट इलाहाबाद में अजीत कुमार ने लंबी कूद में कांस्य पदक, कल्पना चौधरी ने पैदल चाल में द्वितीय स्थान हासिल किया।
2013-14 में यूपी एथलेटिक्स मीट सोनभद्र में दीपक तेवतिया ने लंबी कूद में कांस्य, नीरज चौधरी ने डिस्कस थ्रो में सिल्वर मेडल जीता। वहीं यूपी स्टेट एथलेटिक्स मीट मेरठ में कल्पना चौधरी ने 10 हजार मीटर पैदल चाल में सिल्वर मेडल हासिल किया।
देश दीपक ने आईआईटी कानपुर में यूपी स्टेट एथलेटिक्स मीट में 800 मीटर रेस में द्वितीय और जयनरेश ने जेवलिन थ्रो में कांस्य पदक जीता। 14-15 में कल्पना चौधरी ने सीनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप लखनऊ में भाग लिया। यूपी स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप मेरठ में मो: शहबाज खान ने 400 मीटर में सिल्वर मेडल, वहीं इलाहाबाद में हैदर ने हर्डल्स में तीसरा स्थान हासिल किया। नार्थजोन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नीरज चौधरी ने जेवलिन थ्रो में तीसरा स्थान हासिल किया।