भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अल्पसंख्यकों के लिए जारी होने वाले बजट में कटौती के विरोध में रविवार को प्रभात फेरी निकाली, जो पार्टी के कार्यालय से सेंटर प्वाइंट से होते डॉ. बीआर आंबेडकर पार्क पहुंची। जहां डॉ. धर्मवीर सिंह ने एक विरोध पत्र पढ़कर सुनाया।
वक्ताओं ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए 2023-2024 के केंद्रीय बजट में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के बजट में 38 फीसदी की कटौती की गई है। पिछले साल अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का बजट करीब 5000 करोड़ रुपये था, जिसे अब घटाकर 3097 करोड़ कर दिया गया है। इसी तरह अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक प्रोत्साहन के लिए पिछले साल के बजट 2515 को घटाकर 1689 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप कम की गई है। पहले इसका बजट 1425 करोड़ रुपए था, जो अब घटकर महज 433 करोड़ रुपये रह गया है। अल्पसंख्यक छात्रों के लिए योग्यता आधारित छात्रवृत्ति में 87 प्रतिशत की कटौती की गई है। पिछले साल मदरसों के लिए 160 करोड़ रुपये रखे गए थे, जो अब घटकर महज 10 करोड़ रुपये रह गए हैं। हालांकि, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को पिछले साल के 515 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1065 करोड़ रुपये कर दिया गया है। प्रभात फेरी में इकबाल मंद, बलबीर सिंह, एहतिशाम बेग, हरीश चंद लोधी, जैनब शेख, राज किशोर, हबीब असगर, मोहम्मद चमन, रनवीर सिंह, सावित्री सैनी आदि मौजूद रहीं।