हड़ताल के तीसरे दिन मनरेगा कर्मचारियों ने विकास भवन में धरना प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने हड़ताल खत्म न करने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी तो एक प्रदर्शनकारी बेहोश हो गया। बेहोश कर्मचारी को उपचार के बाद घर पहुंचाया गया। इसके बाद डीसी मनरेगा से वार्ता हुई जो विफल हो गई।
मानदेय में वृद्घि की मांग को लेकर अलीगढ़ जनपद के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। बुधवार को मनरेगा कर्मचारी स्टेडियम पर एकत्रित हुए। 11 बजे विकास भवन में धरने पर बैठ गए। मंगलवार की शाम को अधिकारियों ने हड़ताल खत्म करने का पैगाम भिजवाया था, इस कारण उनको उम्मीद थी की हड़ताल खत्म हो जाएगी लेकन तहसील दिवस में व्यस्त डीसी मनरेगा को प्रदर्शन की खबर लगी तो कर्मचारियों को फोन कर काम पर लौटने का दबाव बनाया।
बकौल प्रदर्शनकारी डीसी मनरेगा अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने काम पर न लौटने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी। वार्ता के लिए तीन बजे का समय भी मुकर्रर कर दिया। इससे प्रदर्शनकारियों में दहशत मच गई। एक दो कर्मचारी तो धरना स्थल से हटकर दूर खड़े हो गए।
जेल जाने के भय से एपीओ चंडौस विकास अवस्थी बेहोश होकर गिर पड़े। इससे विकास भवन में हड़कंप मच गया। जिला कोआर्डिनेटर सोशल आडिट अरविन्द कुमार डाक्टर लेकर आए। एपीओ को होश में लाया गया। वहीं बेहोश कर्मचारी जब तक घर भेजा गया कोई वार्ता के लिए नहीं आया। शाम करीब चार बजे डीसी मनरेगा पहुंचे।
कर्मचारियों ने दो टूक कह दिया कि मांग पूरी होने के बाद ही काम पर लौटेंगे। प्रदर्शन के दौरान सहायक कार्यक्रम अधिकारी राजवीर सिंह, डा: सुशील गौतम , जिला कोआर्डिनेटर सोसल आडिट अरविन्द कुमार, ब्लाक एपीओ प्रतीक, अनिल कुमार, विकास शर्मा, अमित, हर्षित, मौजूद रहे।