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न्याय मिलने तक जारी रहेगा अंदोलन:डॉ.सागर

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केके हॉस्पीटल में डॉ. सागर वार्ष्णेय के साथ हुई मारपीट के बाद रामघाट रोड़ पर जाम लगाकर विरोध प्रद? - फोटो : CITY OFFICE
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शुक्रवार को हुए घटनाक्रम पर शनिवार को प्रेसवार्ता में केके हॉस्पिटल संचालक पुत्र डॉ.सागर वार्ष्णेय ने कहा है कि पांच दिन पहले यह मरीज हमारे यहां आया था। उसका ऑपरेशन हुआ। जिस हाथ को उन्होंने तोड़ा है, उसी हाथ से उसका इलाज हमने किया। सब ठीक था। रुपये भी माफ किए गए थे। मगर पता नहीं क्यों, हमें सबक सिखाने के इरादे से तीमारदारों ने हम पर हमला बोला। पुलिस भी मारते हुए ले गई। यह पूरे डॉक्टर समाज पर तमाचा है। हमारे बच्चे रो रहे हैं। 25 साल में ऐसा हुआ है। पुलिस उन्हीं का समर्थन कर रही है। उन्होंने बाउंसर के पिस्टल तानने के सवाल पर कहा कि कोई पिट रहा है तो लाइसेंसी पिस्टल क्यों नहीं निकाल सकता। वहीं उनके पिता डॉ. केके वार्ष्णेय ने कहा कि हमने जो इलाज उस महिला का किया, एक-दो को छोड़ दें, उसको शायद शहर में कोई दूसरा डॉक्टर नहीं कर सकता। फिर भी हमें यह सब झेलना पड़ता है।
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जांच के आधार पर दोषियों पर हो कार्रवाई:अनिल पाराशर
डॉक्टरों की प्रेसवार्ता के दौरान केके हॉस्पिटल संचालक से मिलने पहुंचे विधायक अनिल पाराशर ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में आया है। उसी विषय में डॉक्टर वार्ष्णेय से मिलने आया था। यहां शहर का प्रतिष्ठित डॉक्टर वर्ग आंदोलन कर रहा है। घटना वाकई निंदनीय है। इस मामले में जांच के आधार पर जो दोषी हो, उस पर कार्रवाई हो। यही बात हमने अधिकारियों से कही है। निष्पक्ष कार्रवाई में हम डॉक्टरों के साथ हैं। मगर, उनसे अनुरोध है कि जाम किसी समस्या का हल नहीं है।
सरकारी अस्पतालों में बढ़ी भीड़, इलाज को भटके मरीज
निजी डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने के कारण शनिवार को मरीज दिन भर इधर से उधर भटकते रहे। इस का यह असर भी दिखाई दिया कि मलखान सिंह, मोहनलाल गौतम व दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों की दिन भर भीड़ रही। आईएमए के आह्वान पर शनिवार को निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रही। इसका असर जिला अस्पताल, महिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल पर रहा।
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यहां सुबह से ही मरीजों की ऐसी कतार लगी कि चिकित्सक ही नहीं अस्पताल कर्मी भी हैरान रह गए। इसके चलते चिकित्सकों को दिन भर सिर उठाने की फुर्सत नहीं मिली। वहीं गंभीर मरीज इलाज के लिए दिन भर इधर से उधर भटकते रहे। सीएमओ डॉ. बीपी कल्याणी ने स्वीकार किया कि निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रहने से जिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल में शनिवार को जबरदस्त भीड़ रही।
जाम से गलियों में चरमराया यातायात
डॉक्टरों के रामघाट रोड पर जाम के दौरान पुलिस ने बेशक यातायात मैरिस रोड से डायवर्ट कर दिया। मगर लोग किशनपुर व दुर्गाबाड़ी की गलियों में होकर अपने वाहन निकालने लगे। इससे इन गलियों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराकर कर रह गई। किसी तरह पुलिस ने दोपहर बाद तक इस व्यवस्था को दुरुस्त कराया।
डॉक्टरों में धरने पर बैठने को लेकर खींचतान
डॉक्टरों के धरनास्थल पर दोपहर में खींचतान साफ दिखाई दी। शहर के तमाम डॉक्टर वहां एकत्रित थे। मगर काफी संख्या में डॉक्टर नर्सिंग होम के अंदर ही बैठे थे। बाहर धरने पर बैठे डॉक्टर इस बात से खफा थे कि वे अंदर ही क्यों बैठे हैं। बाहर धरने में क्यों शामिल नहीं हो रहे।
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