संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद (हाथरस)।
रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने पत्रकारों से कहा कि आज की आवश्यकता है कि किसानों के आंदोलन को बढ़ाया जाए। किसानों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि एमएसपी के लिए कानून पेश कर किसानों की अन्य मांगें नहीं मानी जातीं। हमारी कोशिश रहेगी कि अपनी राजनीतिक पहचान व संगठन को मजबूत बनाया जाए। सपा से मिलकर चुनाव लड़ने पर बोले कि रिश्ते अच्छे रहे हैं, पिछला चुनाव मिलकर लड़े। अब फिर से संभावना तलाशेंगे।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को लेकर पंचायतें लगातार चल रही हैं, गेंद सरकार के पाले में है, निर्णय उसको लेना है। देश के हर कोने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान आदि में आंदोलन की गूंज पहुंच चुकी है। जहां-जहां किसान धरने पर बैठे हैं, हमारी कोशिश यही थी कि वह सहयोग करें। वह बोले कि कानून को सरकार 18 माह टाल रही है, तो कहीं न कहीं कानून में गड़बड़ है। सरकार को इन्हें वापस लेने चाहिए।
पंचायत चुनाव पर जयंत ने कहा कि यह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था का चुनाव है, विकास की गति से जुड़ा हुआ चुनाव है, जनता अच्छे लोगों का चुनाव करे। उन्होंने कहा कि पार्टी लाइन पर चुनाव होता है या नहीं, इस संबंध में अभी कुछ साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि इस माहौल में बीजेपी के पक्ष में मतदान होगा, मैं नहीं समझता। किसान विरोधी नीतियों की वजह से भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं होगा।
पंचायत चुनावों से भाजपा अपने पांव पीछे ले रही है, क्योंकि उसे पता है कि गांव गांव में क्या माहौल बना हुआ है। गांव-गांव में बोर्ड लग रहे हैं, कि वह बहिष्कार करेंगे। अगर भाजपा नेता गांव में वोट लेने जाएंगे, तो उनसे किसान सवाल जरूर करेंगे। सरकार की मंशा चुनाव कराने की नहीं है, वह पीछे हट रही है, वह किसान की भावनाओं को समझ रही है। हमने किसानों को अपने मोबाइल नंबर की जानकारी दी है, जिस पर मिस कॉल कर वह पार्टी से सीधे जुड़ सकते हैं। इस पर किसानों से सीधा संवाद होगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस मुकदमे लगाती रहे, इसका कोई आधार नहीं है। सारे केस खारिज होंगे। सरकार यदि आंदोलन को आंदोलनकारियों को भगाकर या डराकर कुचलने का प्रयास करती है, तो किसान में वह दम है कि वह लड़ सकता है। बोले कि जब मोदी जी मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने 2011 में मांग की थी कि एमएसपी पर कानून बनना चाहिए। 2018 में सीएसीपी जो केंद्रीय संस्था है जो लागत को देखकर किसानों के पक्ष में मूल्य निर्धारण करती है, उसने भी सिफारिश की थी।
उन्होंने कहा कि देश के उत्तर पूर्वोतर क्षेत्र में किसानों से खरीद नहीं होती, वहां खरीदने की जरूरत है। सरकार वहां उल्टा काम कर रही है। सपा से मिलकर चुनाव लड़ने पर बोले कि, रिश्ते अच्छे रहे हैं, पिछला चुनाव मिलकर लड़े, अब फिर से संभावना तलाशेंगे। उन्होंने आह्वान किया कि जो लोग भाजपा में गए थे, वह फिर से लौट आएं, क्योंकि अगर इतने बडे़ अपमान के बाद भी घूंट सह लेंगे तो फिर कोई अस्तित्व ही नहीं बचेगा।
महंगाई बढ़ी पर गन्ने का भाव नहीं
महंगाई पर जयंत बोले कि गैस सिलिंडर पर 50 रुपये बढ़ गए हैं। टीटीजेड इलाके में विद्युत बिलों में साढे़ तीन सौ फीसदी तक वृद्धि हो चुकी है। खाद की कीमत 1200 से साढे़ पंद्रह सौ हो गई है। अभी हाल ही में गन्ने का भाव राज्य सरकार ने घोषित किया है, लेकिन पिछले तीन साल से एक रुपया नहीं बढ़ाया। क्या पिछले तीन साल में किसान की लागत नहीं बढ़ी। राज्य के अधिकारों में केंद्र सरकार दखल दे रही है। सरकारी संपत्तियों पर चंद उद्योगपति हावी हो गए हैं।
सादाबाद में किसान महापंचायत को संबोधित करते रालोद के राष्टी्य उपाध्यक्ष जयंत चौधरी।- फोटो : SADABAD
रालोद की किसान महापंचायत में उमड़ी किसानों की भीड़।- फोटो : SADABAD