एटा सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया को ज्ञापन देतीं चयनित शिक्षिका व अन्य।
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उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर आरक्षित वर्ग के चयनित शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। वह विभाग में नियुक्ति की मांग कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी भी की। राज्यमंत्री के पिता एटा सांसद राजवीर सिंह राजू ने आवास से निकलकर उनका ज्ञापन लिया और मांगों के प्रति आश्वस्त किया जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
शुक्रवार को शहर के मैरिस रोड स्थित राज पैलेस के बाहर नियुक्ति की मांग को लेकर सड़क पर सैकड़ों अभ्यर्थी बैठ गए। उनके हाथों में नियुक्ति की जाए सहित अन्य नारों की तख्तियां थीं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वर्ष 2018 में शिक्षक भर्ती घोटाले में 6800 आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी को आरक्षण की विसंगतियों के चलते नियुक्ति नहीं दी गई। पहले तो सरकार ने नियुक्ति में घोटाले की बात नहीं मानी, लेकिन बाद में स्वीकार भी किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद ने विसंगतियों को सुधारते हुए आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के आदेश पांच जनवरी 2022 को दिए थे, जिसमें नियुक्ति तिथि दी गई थी, लेकिन आदेश के बाद भी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि ढाई साल से अधिक समय से अदालत और सड़कों पर अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। राज्यमंत्री के पिता व एटा सांसद राजवीर सिंह ने चयनित अभ्यर्थियों को राज्यमंत्री से मिलवाने के आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना प्रदर्शन खत्म किया। प्रदर्शनकारियों ने सांसद को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में चयनित अभ्यर्थी अंशुमान सिंह, सुमन बघ्ेाल, ममता लोधी, सुनील शाक्य, मोहम्मद आसिफ, आबाद अहमद आदि शामिल रहे। अभ्यर्थियों के प्रदर्शन की खबर पर थाना सिविल लाइंस, क्वार्सी का फोर्स तैनात रहा। मौके पर सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय आदि मौजूद रहे।