छात्रों को समझातीे डॉ. हामिदा तारिक
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बाब-ए-सैयद पर चल रहे एएमयू छात्रों के धरने पर मंगलवार को कुलपति प्रो. तारिक मंसूर की पत्नी डॉ. हमीदा तारिक पहुंचीं। उन्होंने छात्रों से कहा कि अगर आप 15 दिसंबर की रात को बार्डर क्रास नहीं करते तो जवाब में भी वह सब कुछ नहीं होता, जो हुआ। गौरतलब हो कि इससे पूर्व कुलपति भी धरने पर पहुंचकर छात्रों से संवाद कर चुके हैं।
डॉ. हमीदा तारिक ने सबसे पहले छात्रों को इस्लाम की रोशनी में मनुष्य के दायित्व समझाए। साथ ही छात्रों को यह बताने का प्रयास किया कि 15 दिसंबर की रात को जो कुछ हुआ, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। कोई भी कदम जानबूझ कर नहीं उठाया। उन्होंने छात्रों से कहा कि अगर उन्हें धरना देना ही है तो वह राष्ट्रपति भवन के सामने जाकर धरना दें। इस पर छात्र बोले कि यह उनकी यूनिवर्सिटी है। यहां पर धरना नहीं देंगे तो कहां पर देंगे।
डॉ. हमीदा छात्रों से कहती हैं कि यहां पर सभी छात्र उनके बच्चों जैसे हैं। उन्हें अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान देना चाहिए। इस पर छात्रों ने कहा कि हम यहीं धरने पर ही पढ़ रहे हैं। इस दौरान डॉ. हमीदा बार बार छात्रों से कहती रहीं कि जो भी कुछ हुआ, वह अचानक हुई घटना थी, कोई नहीं चाहता था कि ऐसा हो।
लेकिन बाद में छात्रों का रुख देखते हुए वह यही कहती हुईं वापस चली गई कि जब आप लोग सुनना ही नहीं चाहते तो बात करने से क्या फायदा? छात्र कहते हुए सुनाई देते हैं आइए आकर बैठ जाइए। इसके बाद सभी छात्र धरने पर बैठ जाते हैं।