सुनीता गुप्ता के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते लोग।
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देहली गेट के इंदिरानगर-रामनगर में कनवरीगंज के पेंट कारोबारी विजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता की नृशंस हत्या के दूसरे दिन महिलाएं उबल पड़ीं। शव के अंतिम संस्कार को जाने के बाद महिलाओं ने इंदिरा नगर चौराहे पर जाम लगा दिया। इस दौरान जमकर हंगामा किया। यहां पुलिस व पूर्व मेयर शकुंतला भारती, भाजपा नेत्री कृष्णा गुप्ता ने जैसे तैसे महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस दिन भर जांच पड़ताल में जुटी रही।
सोमवार देर शाम हुए घटनाक्रम के बाद 56 वर्षीय सुनीता गुप्ता का शव पोस्टमार्टम केंद्र पहुंचा दिया गया था, जहां तड़के पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाया गया। इसी बीच खबर पर गोवा से बड़ा बेटा व बहू भी यहां आ गए थे। सुबह होते होते उनके घर परिचितों, रिश्तेदारों और व्यापारियों की भीड़ जमा होने लगी थी। इसी बीच शव को अंतिम संस्कार के लिए रोरावर शमशान ले जाया गया। जैसे ही करीब साढ़े दस बजे अंतिम यात्रा गई। उसके बाद उत्तेजित हुईं महिलाओं ने एकत्रित होकर खैर रोड इंदिरा नगर चौराहे पर जाम लगा दिया। इसको लेकर पुलिस कतई तैयार न थीं। सड़क पर जाम लगाकर बैठी महिलाएं हंगामा करते हुए तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी व खुलासे की मांग करने लगीं। इसी बीच वहां सीओ द्वितीय मोहसिन खान, इंस्पेक्टर देहली गेट प्रमेंद्र कुमार फोर्स के साथ पहुंच गए। महिलाओं को समझाने लगे। खबर पर वहां पूर्व मेयर शकुंतला भारती व भाजपा नेत्री कृष्णा गुप्ता आदि भी पहुंच गए। किसी तरह समझाने के बाद आधा घंटे के प्रयास के बाद जाम खुलवाया गया। महिलाओं को समझा बुझाकर घर भेजा गया। इधर, बड़े बेटे ने मां के शव को मुखागिभन दी है। वहीं परिवार की महिलाओं, बेटों का हाल बेहाल था।
जाम पर सवाल उठाने वाले युवक से जमकर नोकझोंक
जाम के दौरान एक युवक आकर उस पर सवाल खड़ा करने लगा। यह सुन महिलाएं उत्तेजित हो गईं। उस युवक से तीखी नोकझोंक हो गई। पूर्व मेयर ने भी उस युवक को जमकर हड़काया। बाद में उसे वहां से पुलिस ने विदा किया। एक बार तो हालात ऐसे बने कि कहीं महिला उसे पीट न दें।