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सड़कों पर उतरे लोग, हरदुआगंज थाना घेरा

Sun, 27 Dec 2015 02:22 AM IST
अलीगढ़
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अलीगढ़/हरदुआगंज। बिटिया से गैंगरेप और हत्या का खुलासा न होने पर अब लोगों का सब्र जवाब देने लगा है। इस आंदोलन की आग तेजी से भड़कती जा रहा है।  जिला मुख्यालय और हरदुआगंज कस्बे  तक ही केवल जुलूस और प्रदर्शन नहीं हो रहे। अब धरना-प्रदर्शनों का सिलसिला गांवों में शुरू हो गया है। 
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लोगों की एक ही मांग है कि बिटिया के हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें फांसी दी जाए। इससे कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। प्रदर्शनों में शामिल इन लोगों का कहना है कि सवाल एक बिटिया का नहीं है। यह सवाल सबकी बेटियों का है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेश  भारद्वाज ने कहा है कि अगर24घंटे में पुलिस ने किसी आरोपी को जेल नहीं भेजा तो बड़े भाजपा नेता अलीगढ़ में प्रदर्शन में शामिल होंगे।

शनिवार को हरदुआगंज क्षेत्र में फिर लोग सड़कों पर उतरे। दर्जनों गांवों के लोग एकत्रित होकर बिटिया के गांव एकत्रित हुए। यहां से ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य वाहनोें से लोग हरदुआगंज पहुंचे और थाने का घेराव किया। लोगों ने अखिलेश यादव मुर्दाबाद, बिटिया के हत्यारोें को गिरफ्तार करो जैसे नारे लगाए। इसमें विहिप व अन्य हिन्दूवादी संगठनों के पदाधिकारी आदि शामिल थे। बाद में वहां मौजूद एसपीआरए संसार सिंह राठी, सीओ अतरौली सोमदत्त शर्मा आदि अधिकारियोें की मौजूदगी में कोतवाली प्रभारी को विहिप व अन्य हिन्दूवादी संगठनों ने ज्ञापन सौंपा।
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इसमें बिटिया के हत्यारोें की गिरफ्तारी और उन्हें सख्त सजा देने की मांग की गई। इसमें धर्मवीर सिंह लौधी, अखिलेश कु मार, शीलेन्द्र कु मार सिंह, विजय कुमार, देवसुमन गोयल, श्यामकुमार शर्मा, हरिओम सिंह लोधी, तेजप्रकाश शर्मा, तेज प्रकाश, नितेन्द्र चौहान, कुलदीप, आलोक, राजकुमार, मनोज, कुंवरपाल, प्रवीन उपाध्याय, छात्र नेता अर्जुन भोलू सिंह, अमित गोस्वामी आदि शामिल थे। 

बिटिया के गांव में शुक्रवार से अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। यह दूसरे दिन भी जारी रहा। इसमें दूसरे दिन भी काफी लोग बैठे। वहीं दूसरी ओर निकट के एक गांव में भी पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बाहर लोगों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इसमें भी कई गांवों के महिला व पुरुष बैठे।

धरने पर बैठे लोगों का कहना था कि जब तक बिटिया के हत्यारे गिरफ्तार नहीं होंगे। उनका धरना जारी रहेगा। धरनास्थल पर बिटिया के हत्यारों को फांसी दो जैसी तख्तियां लगी थी। इसी गांव की छात्राओं और किशोरियों ने गांव में जु्लूस निकाला और जमकर नारेबाजी की।

इनकी मांग भी यही थी कि बिटिया के हत्यारों कोे गिरफ्तार कर उन्हें फांसी की सजा दी जाए। यही नहीं इनके हाथों में अखिलेश सरकार मुर्दाबाद जैसी तख्तियां लगी थी। यह जुलूस वहां धरनास्थल पर भी पहुंचा। इधर, शुक्रवार को हरदुआगंज कस्बा इस घटना के विरोध में पूरी तरह बंद था लेकिन शनिवार को भी वहां लोगों में खौफ और गुस्सा देखा गया। इसके चलते कस्बे का बाजार आंशिक रूप से बंद रहा। इसके चलते बाजार में रौनक गायब रही।    
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