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अलीगढ़: सीएए का विरोध जारी, पर शाहजमाल पर कमजोर पड़ रहा धरना

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शाहजमाल ईदगार में नागरिकता कानून के विरोध में धरने पर बैठीं महिलाएं। - फोटो : CITY OFFICE
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सीएए व एनआरसी के विरोध में शाहजमाल ईदगाह के सामने 35 दिन से जारी धरना-प्रदर्शन अब शांति की ओर बढ़ रहा है। सोमवार को यहां महिलाओं की संख्या कम रही। शाम के समय हल्की नारेबाजी हुई। मगर, एएमयू की छात्राएं यहां नहीं पहुंचीं। उनके न आने से पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अब पुलिस धरना खत्म होने का इंतजाम करने में लग गई है।
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शाहजमाल ईदगाह के सामने हो रहे धरना प्रदर्शन में लगातार तीसरे दिन एएमयू की छात्राओं के न पहुंचने से महिलाएं जोशीले तरीके से नारेबाजी नहीं कर रही हैं। उनके तेवर ढीले पड़ गए हैं। इधर, ईदगाह के सामने खाली पड़े मैदान में कीचड़ होने से पुरुष भी यहां नहीं पहुंचे। पुलिस पुरुषों को टेंट की ओर नहीं आने से दे रही है। सोमवार को दिन में इस धरना प्रदर्शन में दोपहर में करीब 50 से 60 महिलाएं ही बैठीं थीं। शाम को इनकी संख्या बढ़कर 200 के करीब हो गई। रात 11 बजे तक ज्यादातर महिलाएं अपने-अपने घरों को लौट गईं। देर रात एक बजे तक वहां तकरीबन 50 महिलाएं ही बचीं।
होली को शांति पूर्ण माहौल में मनाने की तैयारी में जुटा प्रशासन
सीएए व एनआरसी के विरोध की आग में झुलसे शहर में अमन कायम करने और होली को शांति पूर्ण माहौल में मनाने की तैयारी में पुलिस प्रशासन जुट गया है। मोहल्लावार कमेटी का गठन करने पर विचार किया जा रहा है। कमेटी में दोनों ही संप्रदायों के लोगों को रखा जाएगा। यह अपने-अपने इलाकों में शांति दूत बनकर लोगों को समझाने का काम करेंगे। एसएसपी मुनिराज जी ने कोतवाली में हुई बैठक में इस कमेटी को लेकर काम करने के लिए पहले ही अधिकारियों को निर्देश दे रखा है। अधिकारी किसी भी हाल में शिकंजा ढीला नहीं कर रहे हैं। इधर, लोगों को मनाकर अब कोई दूसरा धरना प्रदर्शन न शुरू होने दिया जाए। इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है। शहर के हालात पर पल-पल की निगाह रखने के लिए खुफिया और मुखबिर तंत्र को लगाया गया है। खुफिया तंत्र की रिपोर्ट की हर दिन जिलाधिकारी और एसएसपी अपने स्तर से समीक्षा कर रहे हैं।
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असुविधाओं को दूर करने में जुटा प्रशासन
धरना प्रदर्शन के कारण शहर में तनाव के साथ ही लोगों की समस्याएं भी बढ़ गई थीं। इलाके के बाजार न खुलने से खरीदरों को परेशानी हो रही थी। सड़कों पर जाम और प्रदर्शन के चलते वह घरों से नहीं निकल पा रहे थे। इन सब परेशानियों को दूर करने में पुलिस प्रशासन के अधिकारी पूरी कोशिश के साथ जुटे हैं कि किसी भी हाल में शहर के हालातों को सामान्य कर आम जनजीवन को दुरुस्त किया जाए।
जीवनगढ़ में चहल-पहल, पुलिसकर्मी तैनात
जीवनगढ़ पुलिया के पास सोमवार को बाजार गुलजार है, लेकिन फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय पंजीकरण रजिस्टर (एनआरसी), राष्ट्रीय जनसंख्या पंजीकरण (एनपीआर) के विरोध में जीवनगढ़ पुलिया स्थित अलीगढ़-अनूपशहर रोड पर 24 फरवरी को महिलाएं धरने पर बैठ गई थीं। काफी मान-मनोव्वल के बाद 29 फरवरी को धरना खत्म हो गया था। इसके बाद छह दिन से बंद दुकानें एक मार्च को खुल गईं। बाजार गुलजार हो गया। जगह-जगह पुरुष व महिला पुलिसकर्मी तैनात रहे।
एएमयू : चुंगी से धरना खत्म, छात्रों ने लगाया धोखा देने का आरोप
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय पंजीकरण रजिस्टर (एनआरसी), राष्ट्रीय जनसंख्या पंजीकरण (एनपीआर), ऊपरकोट में हुए बवाल के विरोध में एएमयू के चुंगी गेट पर चल रहा धरना सोमवार को खत्म हो गया। हालांकि, छात्रों ने धोखे से धरना हटाने का आरोप लगाया है। 23 फरवरी से धरना चल रहा था।
रविवार को धरना स्थल पर छात्रों ने एएमयू गेट के सहारे बैनर लगा लिया था। धरने में एएमयू के छात्र-छात्राएं व आसपास इलाके की महिलाएं बैठी थीं। प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली, प्रॉक्टोरियल टीम की सदस्य बुशरा गयास आदि प्रदर्शनकारियों को धरना खत्म करने के लिए मनाया। सोमवार सुबह धरना खत्म हो गया। धरना स्थल पर पुलिस वाहन खड़ा कर दिया गया। उधर, धरना स्थल के सामने फिरदौस बी मोहल्ले में एसीएम-द्वितीय रंजीत सिंह, सीओ तृतीय अनिल समानिया के नेतृत्व में फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने हर एक घर पर दस्तक देकर उनसे कहा कि वह धरना-प्रदर्शन में शामिल न हों।
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