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नागरिकता कानूनः पुलिस ने पहचाने 73 उपद्रवी, चौराहों पर लगेंगे पोस्टर

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अलीगढ़ के नवनियुक्त एसएसपी मुनिराज। - फोटो : CITY OFFICE
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में रविवार को ऊपरकोट व उससे सटे इलाकोंमें हुए उपद्रव में पुलिस ने 13 अलग अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 73 चेहरों को स्पष्ट कर लिया है। इनके बड़े बड़े पोस्टर बनवा कर चौराहों पर लगवाए जाएंगे। इनके नाम पते हासिल करने के बाद इनके नाम मुकदमों में शामिल किए जाएंगे। इससे पहले पोस्टर रणनीति का प्रयोग पुलिस रेलवे रोड पर हुए डबल मर्डर के बाद ऊपर कोट पर हुए उपद्रव में कर चुकी है। जिसमें 42 उपद्रवी जेल गए थे और 1 पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून भी लगा था।
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23 फरवरी को ऊपर कोट पर नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जारी धरना प्रदर्शन बीच इंस्पेक्टर कोतवाली की गाड़ी पर पथराव के बाद उपद्रव हो गया था। वहां पर दो दिन से धरने पर बैठी महिलाओं की पुलिस से भिड़ंत हुई। साथ ही जमकर पथराव व फायरिंग हुई। फोर्स की ओर से जवाब में लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले दागे गए। इस बवाल में 3 पुलिस कर्मियों सहित 12 लोग घायल हुए। इस उपद्रव में पुलिस ने 13 मुकदमे दर्ज किए। साथ ही पूरे क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। द्रोन कैमरों की मदद से तैयार किए गए फुटेज की भी मदद ली गई। फुटेज में कैद हुए उपद्रवियों के चेहरों को डिजिटली एनलार्ज करने के बाद अब पुलिस इनके पोस्टर तैयार करवा रही है।
चौराहों पर इनके पोस्टर लगने से इनकी शिनाख्त में पुलिस को मदद मिलेगी। ऐसे 73 चेहरों को स्पष्ट कर लिया गया है। जिसके बाद इनके नाम पते हासिल करके इनको मुकदमों में शामिल किया जाएगा। किसी उपद्रव के बाद यह दूसरा मौका है जब पुलिस ने पोस्टर लगाने की रणनीति बनाई है। इससे पहले रेलवे रोड डबल मर्डर के बाद ऊपर कोट पर उपद्रव हुआ था। इसमें पोस्टर से बवाली पहचाने गए थे और 42 उपद्रवी जेल गए। यह लोग छह छह महीने तक जेल में रहे थे। एक उपद्रवी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई हुई। अब पुलिस इसी रणनीति का अनुसरण एक बार फिर कर रही है।
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सीसीटीवी कैमरा चुराने पर छह नामजद, आठ अज्ञात
कोतवाली के तुर्कमान गेट पर पथवारी मंदिर पर रविवार को बावल से पहले पथराव हुआ था। इस दौरान वहां लगे सीसीटीवी कैमरे को तोड़ने और चोरी कर ले जाने की घटना को अंजाम दिया गया। रविवार दोपहर डेढ़ बजे भारत बंद के आह्वान को लेकर जुलूस निकालते घूम रहे लोगों ने तुर्कमान गेट इलाके के पथवारी मंदिर में पथराव कर दिया था। जिससे दो समुदायों के लोग आमने सामने आ गए थे।
यहां पहुंची पुलिस ने बात को कुछ हद तक संभाल लिया था। इसी बीच खटीकान चौराहे पर भी वीडियो बनाने पर दो समुदाय आमने-सामने आए और वहां भी पुलिस ने हालात काबू कर लिए थे। घटना को नियंत्रित करने के बाद जब पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगालने का काम किया तो पाया गया कि तुर्कमान गेट वाला कैमरा तोड़ा गया है और चुरा लिया गया है। इस प्रकरण में तुर्कमान गेट चौकी इंचार्ज अखिलेश प्रदान ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें फैजान उर्फ कालिया निवासी चंदन शहीद, फरहान निवासी घास की मंडी, हाऊ उर्फ सलमान निवासी चंदन शहीद, साकिब निवासी बाबरी मंडी, शाहरुख निवासी बाबरी मंडी और जीशान निवासी मोहल्ला पठानान को नामजद किया गया है। साथ ही आठ लोग अज्ञात भी हैं।
नुकसान की भरपाई प्रदर्शनकारियों से करेंगे: एसएसपी
अलीगढ़। एसएसपी मुनिराज ने बताया कि शाहजमाल के अलावा शहर में अन्य किसी भी जगह धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। अगर कोई संस्था, समूह, व्यक्ति अन्य जगह प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। अगर किसी को कोई समस्या है तो वह हमारे पास या जिला प्रशासन के पास आ सकता है लेकिन कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। जीवनगढ़ और अन्य जगह जो भी प्रदर्शनकारी रास्ता जाम कर रहे हैं। लोक व्यवस्था को बिगाड़ रह हैं, इससे होने वाले नुकसान की भरपाई प्रदर्शनकारियों से ही की जाएगी।
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