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नागरिकता कानूनः संभल नहीं रही बात...तनाव में गुजर रहे दिन-रात

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जमालपुर में उपद्रवी ने तोड़े लोगों के घरो के शीशे। - फोटो : CITY OFFICE
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नागरिकता संशोधन कानून और सीएए के विरोध में नौ दिसंबर से एएमयू कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। इसके बाद 15 दिसंबर की शाम उपद्रव हुआ तो अगले दिन से शहर के अन्य इलाकों में भी फैल गया था। इसके बाद से लगातार शहर के हालत बदल रहे हैं। शाहजमाल धरने के बाद ऊपरकोट धरना बड़े तनाव का कारण बना। रविवार को धरना हटाकर जैसे तैसे हालात काबू किए गए। फिर जमालपुर में नया धरना शुरू कर दिया गया। उसे रात भर के प्रयास के बाद सोमवार तड़के हटा दिया गया। इसके हटने से तनाव कुछ कम हुआ था। मगर दिन निकलते ही तनाव फिर बढ़ गया। सुबह पुरानी चुंगी और दोपहर में क्वार्सी बाईपास की जीवनगढ़ पुलिया पर नया धरना जम गया। इस तरह शहर को हर तरफ से घेरने की प्रदर्शनकारियों की प्लानिंग जारी है। वहीं उपद्रव के दूसरे दिन ऊपरकोट के अलावा जमालपुर सहित शहर के सभी मुस्लिम बहुल इलाकों में सोमवार को भी बाजार बंदी रही। इससे संकेत मिल रहा है कि अभी लोग आगे प्रदर्शन के मूड में हैं।
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रविवार के उपद्रव के बाद अधिकारी रात 2-3 बजे तक सक्रिय रहे। तड़के जमालपुर का धरना व जाम हटवाने के बाद घरों को पहुंचे कि कुछ देर आराम के बाद दिन निकलते ही फिर सक्रिय हो गए। डीएम चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी मुनिराज जी ने सबसे पहले कोतवाली पहुंचकर पुराने शहर की स्थितियों को देखा और अधिकारियों को निर्देश दिए। यहां ऊपरकोट व उससे सटे इलाकों का बाजार सुबह से ही पूरी तरह बंद रहा।
सर्वाधिक सन्नाटा ऊपरकोट, कोतवाली, जामा मस्जिद, चंदनशहीद रोड, घास की मंडी के आसपास के इलाकों में रहा। यहां पुलिस की आवाजाही के अलावा लोगों की आवाजाही बेहद कम रही। वहीं जमालपुर सहित शहर के अन्य मुस्लिम इलाके पूरी तरह बंद रहे। इधर, अधिकारियों की टोलियों ने शहर भर में फ्लैगमार्च किया। इस दौरान 50 से अधिक गाड़ियों का काफिला पुराने शहर के ऊपरकोट, शाहजमाल से लेकर सिविल लाइंस में जमालपुर आदि जगहों पर दिन भर घूमता रहा। बाजार बंदी के चलते जगह-जगह टुकड़ों में बैठे लोगों से पुलिस टोकाटाकी करती रही। दिन भर किसी तरह की अप्रिय सूचना नहीं आई। मगर जबरदस्त तनाव कायम रहा। वहीं रेड अलर्ट स्कीम के बीच भारी भरकम पुलिस बल व मजिस्ट्रेट शहर के प्रत्येक संवेदनशील इलाके में तैनात रहे। इसके अलावा इस पूरे घटनाक्रम की लिखित रिपोर्ट और अब तक पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट शासन व प्रदेश के गृह विभाग को भी भेजी गई है।
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बाबरी मंडी में एसएसपी को निशाना बनाकर फेंके गए थे पेट्रोल बम
रविवार को बाबरी मंडी में दो समुदायों के बीच हुए टकराव के दौरान उपद्रवियों द्वारा पुलिस कर्मियों को चौकी में बंधक बनाने की सूचना पर पहुंचे एसएसपी व पुलिस बल को निशाना बनाते हुए उपद्रवियों ने पेट्रोल बम फेंके गए थे। इसका खुलासा सोमवार को एडीएम सिटी व आरपीएफ कमांडेंट की अगुवाई में फ्लैगमार्च करते हुए साक्ष्य जुटाने पहुंचे दल की जांच में हुआ। इस दौरान घटनास्थल पर दल को गोलियों के निशान व कांच की टूटी बोतलें मिली। इस सबकी फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी करा ली गई है।
रविवार को हुए उपद्रव के दौरान घनी व मिश्रित आबादी वाले बाबरी मंडी क्षेत्र में दो समुदाय आमने सामने आ गए थे। इस दौरान यहां देर सायं तक जबर्दस्त पथराव व फायरिंग हुई। एक बाइक फूंक दी गई थी। वहीं पुलिस चौकी में पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया गया। इसकी सूचना मिलते ही एसएसपी मुनिराज सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
उपद्रव के चलते उन्हें कई स्थानों पर रुकना भी पड़ा। सोमवार को एडीएम सिटी राकेश मालपाणी एवं आरपीएफ कमांडेंट पुनीत कोलधर एवं सहायक कमांडेंट भावेश चौधरी ऊपरकोट से फ्लैग मार्च करते हुए बाबरी मंडी, घास की मंडी एवं चंदन शहीद मार्ग पहुंचे। यहां उन्होंने सभी उन गलियों एवं प्वाइंटों पर जांच की, जहां से पथराव एवं गोलीबारी हुई थी। इस दौरान वहां चौड़ी नाली एवं दीवारों पर गोलियों के निशान मिले तो बाबरी मंडी पर टूटी हुई बोतलें भी बरामद हुईं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि पुलिस बल पर पेट्रोल बम भी फेंके गए थे।
एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि पहली बार जब पथराव हुआ था, तब बोतलें नहीं मिली थी। जब एसएसपी और अन्य आला अधिकारी पहुंचे और उसके बाद जांच की गई तो वहां बोतलें बरामद हुई हैं। जांच दल ने तोड़फोड़ वाले स्थलों की वीडियोग्राफी की और कई फोटोग्राफ भी लिए। आसपास मिले लोगों को हरकतों से बाज आने की चेतावनी दी गई और हिंसा फैलाने पर कानून का भय भी दिखाया। गलियों में जाकर सुरक्षा प्लान भी तैयार किया गया कि यदि दोबारा से ऐसी स्थिति बनती है तो कहां से पथराव अथवा अन्य हिंसक गतिविधि हो सकती है और उससे कैसे बचाव एवं जवाबी कार्रवाई हो सकती है।
भूख हड़ताल जारी, धरना स्थल पर भी पहुंचे छात्र
एएमयू में बाब ए सैयद पर छात्रों की क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहने की बात कही गई। लेकिन यहां पर अन्य दिनों जैसी छात्रों की भीड़ नहीं देखी गई। एक छात्र नेता ने बताया कि जो छात्र अंदर बैठे थे वह अब चुंगी गेट पर धरना देने वालों के साथ आ गए हैं। चुंगी गेट पर धरना स्थल पर छात्रों के आने और जाने का क्रम चलता रहा।

सैयद बाड़ा में तैनात आरआरएफ फोर्स।- फोटो : CITY OFFICE

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