सीएए-एनआरसी के विरोध में शाहीनबाग की तर्ज पर शाहजमाल में चल रहा धरना पांचवें दिन रविवार को भी शांतिपूर्वक ढंग से जारी रहा। शाहीनबाग में हुए गोलीकांड से सबक लेकर पुलिस प्रशासनिक स्तर से धरने के सुरक्षा इंतजाम सख्त कर दिए हैं। ईदगाह मोड़ पर ही डोर फ्रेंम मेटल डिटेक्टर मशीनें लगा दी गई हैं। पुरुषों का धरना स्थल की ओर जाना पूर्णत: निषेध कर दिया गया है। बैरीकेडिंग के जरिये ही पुरुषों को धरनास्थल से करीब 10 मीटर दूर रखा जा रहा है। इधर, धरने पर मौजूद प्रदर्शनकारी महिलाओं ने लगातार पांचवें दिन सड़क पर ही नमाज पढ़ी। पूरे दिन रुक रुककर नारेबाजी होती रही। दिन में धरना स्थल पर महिलाओं की संख्या करीब एक हजार थी, जो शाम को बढ़ते-बढ़ते करीब पांच हजार हो गई।
बुधवार से ईदगाह के सामने शुरू हुए प्रदर्शन में भीड़ की संख्या लगातार पांचवें दिन यथावत रही। सुबह जरूर कुछ महिलाएं धरना स्थल पर कम दिखीं। मगर, दोपहर में यह संख्या बढ़ने लगी। शाम छह बजे तक प्रदर्शन स्थल पर करीब पांच हजार महिलाओं, पुरुषों का जमावड़ा लग गया। जोरशोर से हर रोज की तरह नारेबाजी हुई। बच्चे भी प्रदर्शन में पीछे नहीं रहे। इधर, शाहीन बाग की घटनाओं से सबक लेते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए। पुलिस को आशंका है कि यहां भी कुछ खुराफाती तत्व माहौल को बिगाड़ने के लिए किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इन हालात को संभालने के लिए शाहजमाल को रविवार को छावनी में तबदील कर दिया गया। अब तक जो पुलिस धरना स्थल के पास ही चौकसी पर थी। वह आसपास के इलाकों में भी भ्रमणशील हो गई। खुफिया तंत्र को भी अलर्ट मोड़ पर रखा गया है।
एएमयू की छात्राएं अब फिर से पीछे हुईं
एएमयू के कश्मीरी छात्र सज्जाद सुभान पर भीड़ को उकसाने का मुकदमा दर्ज होने का डर न सिर्फ एएमयू छात्रों में बैठा है बल्कि छात्राएं भी अब खुलकर सामने नहीं आ रही हैं। बुधवार को पीछे रहकर धरना लीड कर रहीं छात्राएं बृहस्पतिवार, शुक्रवार और शनिवार को फ्रंट पर रहीं। मगर, रविवार को फिर से वह पीछे से भीड़ को उकसाती और नारेबाजी कराती नजर आईं। पुलिस इन छात्राओं की पहचान करानेे में लगातार जुटी है। खुफिया तंत्र को अलर्ट है। मगर, अभी इसमें कोई सफलता नहीं मिल पाई है।
रविवार होने के कारण बच्चों की संख्या अधिक रही
धरना स्थल पर रविवार को बच्चों की संख्या अचानक से बढ़ती देखी गई। पुलिस इस संख्या को देखकर हैरान थी। अधिकारियों ने जब इसकी समीक्षा की तो रविवार को स्कूलों की छुट्टी होने पर बच्चों के धरना स्थल पर सुबह से ही रुख करने की बात सामने आई।
पांच दिन से जारी धरना खत्म कराने में नहीं मिल रही सफलता
बंद पड़े कारखानों में नहीं जा रहे मजदूर, घरों में खाने-पीने की दिक्कत के बावजूद धरना जारी
अलीगढ़। शाहजमाल ईदगाह के सामने बुधवार दोपहर से शुरू हुए धरना प्रदर्शन को लेकर पुलिस-प्रशासन और खुफिया तंत्र अब तक इसे खत्म कराने में सफल नहीं हो पा रहा है। पहले तो खुफिया तंत्र को इतने बड़े धरना प्रदर्शन की भनक नहीं लगी। इसके बाद इस प्रदर्शन के लिए फंडिंग कर रहे लोगों और बच्चों और महिलाओं को घरों से निकालकर ला रहे शिक्षित वर्ग की पहचान तक में खुफिया को पूरा इनपुट नहीं मिल पा रहा। इधर, पुलिस और प्रशासन के लिए धरना प्रदर्शन को खत्म कराना अब टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
शाहजमाल को शाहीन बाग बनाने की पहले दिन से कोशिश कर रहे लोग अपने मंसूबों में पांच दिन से कामयाब रहे। पहले दिन शहर मुफ्ती से लेकर एसएसपी, एसपी सिटी और एडीएम सिटी ने पुरजोर तौर पर धरना खत्म कराने कवायद की थी। मगर, प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। तब से अब तक पुलिस-प्रशासन एक कोई ऐसी ठोस रणनीति कायम नहीं कर पा रहा है, जिससे इस धरने को खत्म कराया जा सके। वहीं देखने में ये आ रहा कि इलाके के कारखानों में कामकाज लगातार बंद है और वहां के मजदूर परिवार की महिलाएं धरने में हैं, जबकि उन घरों के पुरुष इधर उधर खड़े होकर भीड़ बढ़ा रहे हैं। आज यह बात भी सामने आई कि काम बंद होने के कारण घरों में दैनिक जरूरतें पूरी करने में दिक्कत आ रही है। फिर भी धरना जारी है। यहां कम से कम खाने पीने का इंतजाम तो चल ही रहा है।
पुराने शहर में हरे से तिरंग झंडे का बढ़ा क्रेज
शाहजमाल से सटे पुराने शहर के आसपास के इलाकों में अब तक आमतौर पर देखने में आता था कि घरों की छतों पर लोग हरा झंडा लगाया करते थे। मगर अब वहां तिरंगे का क्रेज बढ़ रहा है। अब घरों की छतों पर काफी संख्या में तिरंगे दिखाई दे रहे हैं।