केयरटेकर ने की बचाने की कोशिश, पर तब तक हो चुकी थी देर
हादसे के बाद अपार्टमेंट में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद केयरटेकर इम्तियाज ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत छत की तरफ दौड़ लगाई और मशीनरी के जरिए लिफ्ट को ऊपर की तरफ खींचा। इसके बाद आनन-फानन में लहूलुहान हालत में हरिओम वर्मा को डक्ट से बाहर निकाला गया और तुरंत जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
22 दिन पहले मां, 21 दिन पहले भाई की पत्नी का हुआ था निधन
प्रॉपर्टी डीलर हरिओम वर्मा की मां केसर देवी का 22 दिन पहले निधन हो गया था। इसके एक दिन बाद ही उनके छोटे भाई संजय की पत्नी का निधन हो गया था। इन दो मौतों के शोक से परिवार अभी ठीक से उबरा भी न था कि हरिओम वर्मा की मौत ने पूरे परिवार को बुरी तरह तोड़ दिया। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था।
पुलिस के अनुसार हरिओम वर्मा चार भाइयों में सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर के भाई काली सिक्योरिटी एजेंसी में काम करते हैं। तीसरे नंबर के मोंटू और चौथे नंबर के भाई संजय चालक हैं। प्रापर्टी डीलर अपने पीछे पत्नी सहित दो पुत्रों चिंटू और दीपक तथा बेटी गुंजन को रोता छोड़ गए हैं।विवाहित बेटी गुंजन नोएडा में रहती है, जबकि बड़े बेटे चिंटू की भी शादी हो चुकी है।
ऐसा ही खौफनाक मंजर अलीगढ़ पहले भी देख चुका है। समाजवादी पार्टी के नेता और छर्रा विधानसभा के पूर्व विधायक ठाकुर राकेश सिंह के पिता ठाकुर राजपाल सिंह की मौत भी रसिक अपार्टमेंट जैसे हादसे में हुई थी। रघुवीर सहाय इंटर कॉलेज के प्रबंधक अशोक सक्सेना बताते हैं कि सेवानिवृत्त शिक्षक ठाकुर राजपाल सिंह पुराने आरटीओ कार्यालय के पास स्थित रॉयल अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर रहते थे। सामान्यत: वह लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करते थे। नवंबर 2014 में उस दिन घर आए एक परिचित को बाहर तक छोड़ने के लिए वह लिफ्ट तक आ गए। बातचीत के दौरान ध्यान नहीं रहा।
चैनल खोलने के बाद ठाकुर राजपाल सिंह को लगा कि लिफ्ट फ्लोर पर आ चुकी है। अंधेरा होने और तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट का बॉक्स वास्तव में चौथी मंजिल के बजाय नीचे रुक गया था। जैसे ही उन्होंने अपना पैर अंदर रखा, सीधे लिफ्ट के गहरे डक्ट (गड्ढे) में जा गिरे। नीचे कंस्ट्रक्शन और मरम्मत से जुड़ी लोहे की नुकीली सरिया और अन्य सामान बिखरा था, जिससे वह लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। तत्काल उन्हें एक निजी ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर दिल्ली रेफर कर दिया, लेकिन दिल्ली ले जाते समय रास्ते में टप्पल के पास उन्होंने दम तोड़ दिया था।