भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रतिष्ठित फारसी विद्वान प्रो. आजरमी दुख्त सफवी (पूर्व डीन, कला संकाय तथा पूर्व अध्यक्ष फारसी विभाग) को भारत सरकार के प्रतिष्ठित टैगोर नेशनल फेलोशिप फॉर कल्चरल रिसर्च से सम्मानित किया है।
इस फेलोशिप के अंतर्गत प्रो. सफवी भारतीय संस्कृति और इतिहास पर फारसी पांडुलिपियों पर शोध करेंगी। इस फेलोशिप के दौरान, प्रति माह 80,000 रुपये और प्रति वर्ष 250,000 रुपये आपातकालीन अनुदान प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार उन विद्वानों को दिया जाता है जिनका संबंधित क्षेत्र में शोध एवं साहित्यिक योगदान होता है तथा उन्होंने ज्ञान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई होती है। प्रो. सफवी ने कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं और अपनी मातृ-संस्था अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया है।
फारसी विद्वान के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध प्रोफेसर सफवी को अब तक कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें राष्ट्रपति पुरस्कार, लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड, ईरान, गालिब पुरस्कार तथा ईरान सरकार का सादी पुरस्कार शामिल है। वे टैगोर नेशनल फेलोशिप प्राप्त करने वाली भारत की पहली फारसी विद्वान हैं। प्रोफेसर सफवी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में फारसी शोध संस्थान की संस्थापक तथा पूर्व निदेशक हैं तथा वर्तमान में वह संस्थान के सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं।